चंडीगढ़ स्थित रामदरबार के मैदान में भाजपा ने विजय संकल्प रैली करके चुनावी शंखनाद कर दिया। रैली में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुग मुख्यातिथि रहे। उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजरायल के बाद भारत ऐसा देश है, जो आतंकवाद के सामने खड़ा होता है और कार्रवाई करता है लेकिन दुख होता है कि जब नवजोत सिंह सिद्धू जैसा व्यक्ति सेना पर सवाल खड़ा करता है।
सिद्धू को समझना होगा कि यह कॉमेडी शो नहीं भारतीय फौज है। चुग ने नवजोत सिद्धू को पाकिस्तान का एजेंट तक कह डाला। हाल ही में सपना चौधरी के कांग्रेस में जाने से इंकार पर तरुण चुग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की यह पुरानी आदत है झूठ और अफवाह फैलाने की और उस पर वह खरी भी उतरती रही है।
इस दौरान पंजाब भाजपा के पूर्व प्रधान कमल शर्मा, सांसद किरण खेर, चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन, मेयर राजेश कालिया, पार्षद अरुण सूद, उपाध्यक्ष रघुबीर लाल अरोड़ा, हरिशंकर मिश्रा आदि मौजूद रहे। भाजपा की तरफ से रविवार को चंडीगढ़ समेत पूरे देश में करीब 500 विजय संकल्प रैलियों का आयोजन किया गया।
25 करोड़ के एमपी फंड समेत 30 करोड़ खर्च किए: खेर
सांसद खेर सांसद किरण खेर ने दावा किया कि जितना एमपी फंड उन्होंने खर्च किया है, उतना किसी और सांसद ने नहीं किया। 5 वर्ष में 25 करोड़ खर्च करने को मिलता है, लेकिन मैंने 30 करोड़ खर्च किया, क्योंकि पांच करोड़ पूर्व सांसद पवन बंसल ने खर्च नहीं किया था। 29 एमजीडी अतिरिक्त पानी लेकर आए। ट्रिब्यून प्लाईओवर, नए स्कूल, ओपन एयर जिम, संपर्क सेंटर और करोड़ों केऐसे भी काम किए, जिन पर नेम प्लेट नहीं लगे।
मामा-भांजा कांड को नहीं भूली जनता : संजय टंडन
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि नोटबंदी के समय में चंडीगढ़ के नगर निगम के चुनाव हुए जिसमें देश भर में लोग सोचते थे कि लोग भाजपा को वोट नहीं देंगे, लेकिन 22 में से 20 नगर निगम की सीट भाजपा ने जीतीं और लोगों ने नरेंद्र मोदी के फैसले का स्वागत किया। टंडन ने कहा कि ट्रिब्यून चौक के ओवरब्रिज हमने पास कराया। पवन बंसल पर हमला बोलते हुए टंडन ने कहा कि मामा-भांजे ने क्या किया वो सबके सामने है, किस तरह उन्होंने रेल कांड किया। चंडीगढ़ के लोग मामा-भांजा कांड भूले नहीं हैं।
संकल्प रैली में जैन को नहीं बुलाया, हाईकमान से की शिकायत
विजय संकल्प रैली में भाजपा के तमाम कार्यकर्ताओं समेत सभी नेता नजर आए, लेकिन शहर के दो बार सांसद रहे चुके सत्य पाल जैन नदारद दिखे। रैली में स्टेज से पार्टी के नेताओं द्वारा एकजुट होकर चुनाव लड़ने की तमाम दावे किए गए। पार्टी में कोई मतभेद नहीं होने की बातें कही गईं। दूसरी ओर रैली में सत्य पाल जैन का शामिल न होना साफ तौर पर पार्टी में फूट को दिखाता है। यह बात तब और महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि सत्य पाल जैन शहर से लोकसभा टिकट के दावेदार भी हैं। रैली में शामिल नहीं होने पर जब सत्य पाल जैन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनको रैली से संबंधित किसी ने कोई जानकारी नहीं दी।
न ही उन्हें बुलाया गया था। वह पार्टी के नेताओं के इस व्यवहार से काफी दुखी हैं। जैन ने कहा कि वो इसकी शिकायत हाईकमान से भी कर चुके हैं। जैन के रैली में शामिल न होने को लेकर जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में थे और उन्हें भी पार्टी ऑफिस की तरफ से रैली में शामिल होने का मैसेज आया। उन्होंने कहा कि पार्टी ऑफिस की तरफ से ही सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं को कॉल व मैसेज किए गए हैं।
दो दिन पहले जैन और किरण खेर ने संग पी थी चाय
पिछले दिनों भाजपा चुनाव समिति की बैठक के बाद चंडीगढ़ के प्रभारी कैप्टन अभिमन्यु ने तीन दावेदारों संजय टंडन, किरण खेर और सत्य पाल जैन का नाम भेजा था व इस पर निर्णय हाईकमान को लेना है। दो दिन पहले सांसद किरण खेर पूर्व सांसद सत्य पाल जैन से मिलने उनके घर भी गईं थीं। दोनों में करीब एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। वहीं माना जा रहा है कि रैली में सत्य पाल जैन को बुलावा न भेजना आने वाले समय में पार्टी के बीच की कलह को और बढ़ा सकता है।