बीजेपी के 'मैं भी चौकीदार' अभियान पर सुरक्षाकर्मियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि सिर्फ लिख देने से कोई चौकीदार नहीं बन जाता, कड़ी परीक्षा देनी पड़ती है। दिन हो या फिर रात, बारह घंटे की ड्यूटी देकर वापस घर लौटते हैं चौकीदार, ताकि सुरक्षा बनी रही। चौकीदार बनने के लिए कड़ी परीक्षा से होकर गुजरना पड़ता है। ऐसे किसी के लिख देने से न तो देश का भला होगा और न ही असल में वह चौकीदार बन सकता है। यह सब चुनावी मुद्दे हैं। यह कहना है चंडीगढ़ के चौकीदारों का।
साथ ही उन्होंने कहा कि चौकीदार चोर नहीं होता, वह सेवादार होता है। रैलियों में खुद को देश का चौकीदार कहने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘मैं भी चौकीदार’ वीडियो जारी किया था। लेकिन अब पीएम मोदी ने ट्विटर पर अपने नाम के साथ चौकीदार शब्द जोड़ लिया है। इसके बाद भाजपा नेताओं द्वारा अपने नाम के आगे चौकीदार जोड़ लिया गया। इस मामले को लेकर जब चौकीदारों से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि उन्हें सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता है। वह बारह घंटे लगातार ड्यूटी करते हैं। कई बार उन्हें बैठने तक का समय नहीं मिल पाता।
चौकीदारों को दिए गए हथियारों का मॉडल भी काफी पुराना हो चुका है। ऐसे में वह खुद की सुरक्षा करने में भी असहज महसूस करते हैं। कड़ी धूप और कोहरे की धुंध में भी हमेशा डटकर अपनी ड्यूटी करते हैं। चौकीदार बनना आसान नहीं है, इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।
कुछ ऐसी है चौकीदारों की प्रतिक्रिया
देश के प्रधानमंत्री ने अपने नाम के आगे अगर चौकीदार लगाया है तो यह बहुत बड़ी बात है। इससे चौकीदारों का उत्साह भी बढ़ेगा। प्रधानमंत्री खुद को चौकीदार कहते हैं तो उनको चौकीदारों की तरह अपनी बातों पर खरा उतरना होगा। उन्होंने देश के हित में बड़ा फैसला लिया है।
- निर्मल सिंह, चौकीदार
चौकीदार चोर नहीं सेवादार होता है
अगर कोई कहे कि चौकीदार का मतलब चोर होता है तो उससे बड़ा नासमझ कोई नहीं है। क्योंकि लोग घरों और अपने दुकान में चौकीदार को इसलिए काम देते कि उनकी सुरक्षा हो सके। न कि चौकीदारों को चोरी करवाने के लिए रखा जाता है।
- राम प्रकाश, चौकीदार
चुनाव सिर पर है, सब कुछ हो सकता है
जब चुनाव सिर पर हो तो कोई भी पार्टी कुछ भी बनने के लिए तैयार होती है। सिर्फ लिखने से कोई चौकीदार नहीं हो जाता है। उसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। कम पैसा लेकर ज्यादा से ज्यादा काम करना पड़ता है। यह सब चुनावी हथकंडे हैं।
- योगराज हसोट, चौकीदार
चुनाव जीतने का तरीका
कोई भी पार्टी चुनाव आने पर कुछ न कुछ करती रहती है। चुनाव शुरू होते ही आम पब्लिक के लिए कुछ नया करती है। लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब कुछ भूल जाती है। अगर अब लोग खुद को चौकीदार कहने में अच्छा समझते हैं तो बहुत अच्छी बात है। वैसे यह सब चुनाव जीतने का तरीका है।
- वीर सिंह, चौकीदार
सभी चौकीदार हैं
आज के समय में हर कोई चौकीदार होता है, कोई अपने घर का तो कोई अपने काम को लेकर, सभी चौकीदार हैं। कोई खुद को चौकीदार कहे या फिर अपने नाम के आगे चौकीदार लगाए तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। यह तो उनका अधिकार है।
- राजेश कुमार परमार, चौकीदार
चौकीदारों को सम्मान से नहीं देखते है लोग
चौकीदारों से तो आम लोग बहुत गलत तरीके से व्यवहार करते है। ऐसे में अगर देश का प्रधानमंत्री और अन्य बड़े नेता अगर खुद को चौकीदार कहने लगे तो अच्छी बात है। इस सोच से आम लोगों की धारणा बदल जाएगी।
- जोगिंद्र पाल, चौकीदार