संसदीय सीट संगरूर पर मतदाताओं का रुझान पूरी तरह से एक तरफ नहीं झुकता है। हार जीत से परे यहां वोटरों का प्रमुख सियासी दलों से जुड़ाव बना रहता है। पिछले तीस साल के आंकडे़ बता रहे हैं कि यहां से कोई भी प्रत्याशी आधे वोट नहीं ले पाया है।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से लेकर 1989 के लोकसभा चुनाव तक संगरूर संसदीय सीट से कोई भी राजनीतिक दल पच्चास फीसदी वोट हासिल नहीं कर सका है। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के भगवंत मान 48.5 मत हासिल करने में सफल रहे थे।
2009 में कांग्रेस के विजयइंदर सिंगला 38.50 फीसदी वोट लेकर संसद पहुंचे थे। अकाली दल को 34 फीसदी, लोक भलाई पार्टी को 12 फीसदी और बसपा को साढे़ सात फीसदी मत हासिल हुए थे। 2004 में अकाली दल के सुखदेव सिंह ढींढसा 34 फीसदी वोट लेकर सांसद बने थे।
1999 में अकाली दल मान के सिमरनजीत सिंह मान 42 फीसदी मत लेकर सांसद बने। अकाली दल को 30 फीसदी, सीपीआई को 27 फीसदी मत मिल थे। इसी प्रकार 1998 में अकाली दल के सुरजीत सिंह बरनाला 40 फीसदी लेकर संसद की सीढ़ियां चढे़ थे। तब अकाली दल मान को 29 फीसदी व कांग्रेस को 25 फीसदी वोट नसीब हुए थे।