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लोकसभा 2019: पंजाब में इस हॉट सीट से बड़ा दांव खेल सकती है कांग्रेस, बड़ी उथल-पुथल की चर्चा

Wed, 10 Apr 2019 12:20 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरनाला(पंजाब)
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सुनील जाखड़
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राजनीति में कब उथल-पुथल हो जाए, इसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। पंजाब में कांग्रेस एक हॉट सीट पर बड़ी उथल पुथल मचा सकती है। जानकारी के अनुसार, लोकसभा संगरूर सीट पर उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में गुटबाजी जारी है। इनमें से किसी एक को टिकट दिया गया तो दूसरा उसकी जीत में बाधा डालेगा। सूत्रों अनुसार, इसके चलते कांग्रेस की हाईकमान ने फैसला किया है कि गुटबाजी को विराम देने के लिए और सीट को सुरक्षित करने के लिए संगरूर से नवजोत कौर सिद्धू को उतारा जाए। ऐसा करना ज्यादा बेहतर होगा।
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बता दें कि इस सीट पर टिकट पाने के लिए कैबिनेट मंत्री विजयइंदर सिंगला व पंजाब प्रदेश के उपाध्यक्ष केवल ढिल्लों के बीच गुटबाजी चरम पर है। विधानसभा चुनाव में केवल ढिल्लों की टिकट कटाने के लिए सिंगला गुट के वर्करों व नेताओं ने दिल्ली में धरना दिया था, वहीं केवल ढिल्लों के समर्थकों ने गत लोकसभा चुनाव में विजयइंदर सिंगला का सख्त विरोध किया था। इसके चलते सिंगला की जमानत जब्त हो गई थी। इस तरह अगर केवल ढिल्लों को टिकट मिलती है तो सिंगला गुट जमकर विरोध करेगा और अगर सिंगला को टिकट मिलती है तो ढिल्लों गुट विरोध करने में कसर नहीं छोडे़गा।

इसके अलावा टिकट दावेदारों में पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल का गुट अलग है। विधायक सुरजीत धीमान के लड़के जसविंदर धीमान का गुट अलग है। कुल मिलाकर जितने दावेदार हैं उतने गुट बने हैं। इसलिए हाईकमान नवजोत कौर सिद्धू के नाम पर विचार कर रही है। वैसे भी दो महीने पहले नवजोत सिंह सिद्धू लोकसभा हलका संगरूर के विकास के लिए 200 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी करके नवजोत कौर सिद्धू के लिए सियासी जमीन तैयार कर गए थे।
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भगवंत मान व परमिंदर ढींढसा के मुकाबले चाहिए दमदार प्रत्याशी

लोकसभा हलका संगरूर से आम आदमी पार्टी ने सांसद भगवंत मान को फिर से चुनाव मैदान में उतार दिया है। अकाली भाजपा ने पूर्व मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा को उतारा है। अब इनका मुकाबला करने के लिए कांग्रेस को कोई बड़ा चेहरा उतारना होगा। परमिंदर ढींढसा पांच बार विधायक व दो बार मंत्री रह चुके हैं।

अभी तक उन्होंने किसी भी चुनाव में मात नहीं खाई है। गत विधानसभा चुनाव में तो उन्होंने लहरगागा से पूर्व मुख्यमंत्री बीबी राजिंदर कौर भट्ठल को भारी बहुमत से हराया था। बाकी उन पर पिता सुखदेव सिंह ढींढसा, पार्टी प्रधान सुखबीर बादल, पार्टी प्रधान प्रकाश सिंह बादल का भी आशीर्वाद है।

भाजपा के वर्कर व नेता भी परमिंदर ढींढसा को एक साफ छवि वाला अच्छा नेता मानते हैं। जबकि आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान के प्रति लोगों की राय है कि सांसद मान जीतकर जहां उनके बीच मौजूद रहे, वहीं उन्होंने संसद में बड़ों-बड़ों को धूल चटाई और लोगों के मुद्दे उठाकर ड्यूटी बखूबी निभाई। इस तरह अब कांग्रेस को दोनों धुरंधर नेताओं का मुकाबला करने के लिए कोई बड़ा नेता उतारना होगा।
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