पंजाब में रेत और केबल माफिया को लेकर पूछे गए सवाल पर सिद्धू ने कहा कि रेत और केबल माफिया को खत्म करने के लिए वे अपनी तरफ से बहुत कुछ कर चुके हैं। उन्होंने रेत माफिया को खत्म करने के उद्देश्य से ड्राफ्ट पॉलिसी बनाकर सरकार को दे दी थी और केबल माफिया को खत्म करने के लिए कई बार कैबिनेट की बैठक में बिल भी ला चुके हैं। इन पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को ही करना है।
इससे पहले, पत्रकारों को संबोधित करते हुए नवजोत सिद्धू ने कहा कि शिअद-भाजपा गठबंधन के नेता जुमलों तक ही सीमित रहे हैं और अपने चहेतों को फायदा पहुंचाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में अकाली सरकार ने विधानसभा में किसानी कर्ज पर अधिक ब्याज वसूली रोकने के लिए एक बिल पास कराया था, जिसके तहत जिला स्तर पर फोरम गठित किए जाने थे।
उन्होंने कहा कि अकाली सरकार ने इस योजना के प्रचार पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर दिए लेकिन एक भी फोरम गठित नहीं किया। सिद्धू ने आरोप लगाया कि बादलों ने अपने चहेते औद्योगिक घरानों को 1000 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया।