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लोकसभा चुनाव 2019: मंत्रियों के दो, तो विधायकों के सिर बंधेगा एक हलके की हार और जीत का सेहरा

Fri, 05 Apr 2019 01:36 PM IST
खुशबू गोयल विजेंद्र कौशिक, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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हरियाणा नेताओं की बैठक
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लोकसभा चुनाव 2019 में जीत के लिए हरियाणा के मंत्रियों को अपने हलके के अतिरिक्त एक हारे हुए हल्के और विधायकों को अपने-अपने हलके में जीत की जिम्मेदारी लेनी होगी। चुनाव परिणाम के बाद हलके की हार व जीत का सेहरा संबंधित मंत्री व विधायक के सिर बंधेगा। वीरवार को लोकसभा हरियाणा चुनाव समिति के संयोजक पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, राष्ट्रीय महामंत्री भाजपा एवं प्रदेश प्रभारी सांसद डॉ. अनिल जैन, सहप्रभारी विश्वास सारंग, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की मौजूदगी में यह जिम्मेदारी तय की गई।
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पार्टी के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश मुख्यालय परिसर में सुबह से शुरू हुई बैठकों का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। सुबह 10 बजे प्रदेश के सभी लोकसभा सीटों के प्रभारी, संयोजक एवं सहसंयोजकों के साथ आला नेताओं ने बैठक करते हुए पन्ना प्रमुख सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लिया। वरिष्ठ नेताओं ने गुजरात तर्ज पर अपनाई जा रही पन्ना प्रमुख पद्धति के अनुसार अपना बूथ सबसे मजबूत करने पर जोर दिया। इसके बाद दोपहर में वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष एवं जिला प्रभारियों के साथ चर्चा की और उनसे फीडबैक लेने के साथ-साथ लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आगामी जिम्मेदारियां सौंपी गई।

इसके बाद पांच बजे के करीब केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, सांसद रतनलाल कटारिया, धर्मबीर सिंह, रमेश कौशिक और मंत्री रामबिलास शर्मा, कैप्टन अभिमन्यु, ओमप्रकाश धनखड़, राव नरबीर सिंह, कविता जैन, कृष्णलाल पंवार, विपुल गोयल, कृष्ण कुमार बेदी, कर्णदेव कंबोज, मनीष ग्रोवर, डॉ. बनवारी लाल के साथ लोकसभा संयोजक कलराज मिश्र एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने चर्चा की। इसके बाद शाम सात बजे भाजपा विधायकों के साथ बैठक हुई।
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टिकट पक्का मानकर राव इंद्रजीत व कृष्णपाल गुर्जर नहीं आए

पांच साल पहले भाजपा ने 10 में से लोकसभा की 7 सीट जीती थीं। रोहतक में कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा सांसद बने थे तो हिसार व सिरसा में सहयोगी दल हजकां इनेलो के हाथों हार गया था। अबकी बार भाजपा सभी 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी के अंदर गुड़गांव से सांसद राव इंद्रजीत और फरीदाबाद से कृष्णपाल गुर्जर का टिकट पक्का माना जा रहा है।

दोनों सांसद प्रदेश स्तरीय मीटिंग में नहीं पहुंचे। जबकि सोनीपत से सांसद रमेश कौशिक, भिवानी-महेंद्रगढ़ से धर्मबीर सिंह, अंबाला से रतनलाल कटारिया का टिकट पक्का नहीं माना जा रहा है। तीनों सांसद मीटिंग में पहुंचे। इसके अलावा कुरुक्षेत्र व करनाल में नया चेहरा आना तय है। राजकुमार सैनी जहां नई पार्टी बना चुके हैं, वहीं करनाल से सांसद अश्वनी चोपड़ा का स्वास्थ्य ठीक नहीं है।

पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन कराएं मंत्री
मीटिंग में प्रदेश सरकार के मंत्रियों को दो हलके और विधायकों को अपने-अपने हलकों में 8 से 16 अप्रैल तक पन्ना प्रमुखों के सम्मेलन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। बूथ के अंदर 15 से 20 परिवारों का एक पन्ना बनाया गया है।

की-वोटर को पार्टी से जोड़ें, प्रदेश कार्यालय की जगह हलके में ही कराएं शामिल
मीटिंग में तय हुआ कि दूसरे दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल करने के लिए उनके संपर्क में रहें। साथ ही की-वोटर पर फोकस किया जाए। जैसे गांव का सरपंच, पूर्व सरपंच, पंच व पूर्व पंच, नंबरदार, सामाजिक व धार्मिक संगठन का प्रधान या पूर्व प्रधान सहित अन्य ऐसे लोग, जो खुद के अलावा दूसरे मतदाताओं को भी प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे लोगों को हलका या जिला स्तर पर पार्टी में शामिल किया जाए।
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