हरियाणा की दस लोकसभा सीटों के लिए 12 मई को हुए मतदान पर गौर करें तो पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार प्रदेश में 0.97 प्रतिशत मतदान कम हुआ। पूर्व सीएम हुड्डा के गांव सांघी में 82 तो मुख्यमंत्री के पैतृक गांव निंदाना में 70 व बनियानी में 73 प्रतिशत पोलिंग हुई।
गुड़गांव सीट पर सबसे कम वोट प्रतिशत रहा तो रोहतक और सोनीपत में ज्यादा वोटिंग का रिकॉर्ड बना। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजनलाल परिवार के गढ़ आदमपुर में मतदान में बढ़ोतरी हुई है, जबकि वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के विधानसभा क्षेत्र नारनौंद में मतदान घटा है।
खास बात यह कि हिसार में राजनीतिक विरासत की साख बचाने उतरे तीन युवराजों के बीच रोचक मुकाबला होने के बावजूद मतदान प्रतिशत नहीं बढ़ा। हर स्तर पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के प्रयासों के बावजूद इस बार प्रदेश में मतदान प्रतिशत कम रह गया। वोटिंग के आंकड़े बताते हैं कि शहरी की तुलना में ग्रामीण मतदाताओं में वोटिंग के प्रति ज्यादा दिलचस्पी रही।
मतदाता, प्रत्याशी और राजनीतिक के जानकार इसके मायने निकालने और विश्लेषण करने में जुट गए हैं। हिसार लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 76.1 प्रतिशत मतदान कर 48 साल का रिकॉर्ड तोड़ा था, लेकिन इस बार 70.72 मतदाताओं ने ही वोट डाले। यानी हिसार लोकसभा क्षेत्र में इस बार 4.06 प्रतिशत कम वोटिंग हुई है।
वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के विधानसभा क्षेत्र में नारनौंद में 72.70 प्रतिशत मतदान हुआ है, जबकि 2014 में 78.16 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह, कांग्रेस प्रत्याशी भव्य बिश्नोई और जजपा के दुष्यंत चौटाला राजनीतिक विरासत की साख बचाने के धुंआधार प्रचार कर मतदाताओं को अपने-अपने पक्ष वोट देने की अपील की, लेकिन मतदान बढ़ा नहीं सके। रोहतक सीट पर रिकॉर्ड 70.74 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो 20 साल में सबसे अधिक है।
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के गांव सांघी में 82 प्रतिशत तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पैतृक गांव निंदाना में 70 व वर्तमान गांव बनियानी में 73 प्रतिशत वोटिंग हुई है। मंत्री मनीष ग्रोवर के बूथ 84 (डीएलएफ कॉलोनी) में 69 प्रतिशत मतदान हुआ है। सियासी हलकों में कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा व भाजपा के अरविंद शर्मा के बीच कांटे की टक्कर की चर्चा है। चुनाव के बाद सभी प्रबल दावेदार अधिक मतों से जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं अधिकारियों का कहना है कि मतदान प्रतिशत बढ़ाने के काफी प्रयास किए गए, लेकिन मतदान का बढ़ना मतदाताओं की मर्जी पर निर्भर है।
42 साल बाद 70 प्रतिशत से ऊपर पहुंचा सोनीपत लोकसभा का मतदान
सोनीपत लोकसभा सीट पर 42 साल के बाद 70 प्रतिशत से ऊपर मतदान पहुंचा है। इससे पहले 1977 में 72.72 प्रतिशत मतदान हुआ था। सोनीपत सीट उस साल रोहतक से अलग हुई थी। हालांकि इस बार सोनीपत विधानसभा क्षेत्र में 64 प्रतिशत मतदान और जींद में 68.5 प्रतिशत मतदान हुआ है, जो बाकी क्षेत्रों से कम है। इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, भाजपा प्रत्याशी निवर्तमान सांसद रमेश कौशिश समेत अन्य प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दांव पर है।
20 साल पहले हुई पोलिंग के करीब पहुंचा मतदान का आंकड़ा
रोहतक लोकसभा सीट पर 1998 में कांग्रेस प्रत्याशी भूपेंद्र सिंह हुड्डा और हलोदरा प्रत्याशी एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के बीच तीसरी टक्कर हुई। उस चुनाव में 71 प्रतिशत पोलिंग ने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया था। चुनाव परिणाम पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पक्ष में रहा, लेकिन वे मामूली 383 वोटों के अंतर से ही जीत सके थे।
2014 (राज्य में 71.26) 2019 (राज्य में 70.29) अंतर- 0.97 प्रतिशत
अंबाला- 72.34 71.15 -1.19
कुरुक्षेत्र- 76.05 74.32 -1.73
सिरसा- 77.11 75.97 -1.14
हिसार- 76.52 72.16 -4.06
करनाल- 71.07 68.54 -2.53
सोनीपत- 69.87 70.72 +0.85
रोहतक- 67.71 70.74 +3.03
भिवानी-महेंद्रगढ़- 71.03 69.84 -1.19
गुड़गांव- 72.14 67.37 - 4.77
फरीदाबाद- 65.18 64.13 - 1.05