लोकसभा चुनाव निपटते ही अब भाजपा की निगाहें आगामी विधानसभा चुनाव पर टिकी हैं। भाजपा ने विधानसभा का अधिकतर होमवर्क लोकसभा चुनाव की फील्ड पर ही पूरा कर लिया है। लेकिन इस लोकसभा चुनाव में विधायकों की मेहनत रंग लाई, तो विधानसभा के लिए भाजपा की राह आसान हो जाएगी।
क्योंकि लोकसभा के नतीजे आने के बाद प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा फिर से हरियाणा फतेह की तैयारी में पूरी तरह जुट जाएगी। हालांकि प्रदेश में अभी विधानसभा चुनाव को करीब चार माह बाकी है। इन चार महीनों में सीएम मनोहर लाल विधानसभा चुनावों के लिए मजबूती से जमीन तैयार करेंगे।
सीएम के साथ-साथ भाजपा का संगठन भी सूबे में विधानसभा की सियासी जमीन को एक बार फिर पार्टी के लिए उपजाऊ बनाने में जुटेगा। संगठन नेताओं को जिम्मेवारी सौंप दी गई है कि लोकसभा में कार्यकर्ताओं का वर्तमान उत्साह वे विधानसभा तक बनाए रखें। विरोधियों की घेराबंदी किन मुद्दों पर करनी है, उसकी कमान टीम मनोहर के हाथ में रहेगी।
मगर इस पूरी रणनीति को धार देने के लिए मनोहर के विधायकों को पहले इस लोकसभा के इम्तिहान में पास होना है।