दिल्ली के साथ हरियाणा में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन को लालायित आम आदमी पार्टी को फिलहाल निराशा हाथ लगी है। हरियाणा कांग्रेस ने आप को जोर का झटका धीरे से दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम नबी आजाद व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सीधे तौर पर आप के साथ गठबंधन से किनारा कर लिया।
इससे पहले राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस, आप और जेजेपी के बीच दिल्ली, हरियाणा व चंडीगढ़ में गठबंधन होने की अटकलें जोरों पर रहीं। हरियाणा में तो सोशल मीडिया पर कांग्रेस, आप और जेजेपी के बीच सात, दो और एक सीटों का बंटवारा भी कर दिया गया। उधर, जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन न करने की बात दोहराई है।
चूंकि, इनेलो से अलग होकर अस्तित्व में आई जेजेपी के लिए कांग्रेस के साथ लोकसभा के चुनावी रण में उतरना आत्मघाती फैसला होगा। हरियाणा कांग्रेस शुरू से ही आप के साथ प्रदेश में गठबंधन का विरोध करती आ रही है। प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर व एआईसीसी मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी इससे इंकार कर चुके हैं।
गठबंधन को लेकर आखिरी फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को करना है। जिन्होंने हरियाणा में आप के साथ गठबंधन को लेकर अभी तक न तो राज्य प्रभारी गुलाम नबी आजाद, न ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व अन्य नेताओं से विचार-विमर्श किया है।