ईमानदारी की कसमें खाकर वोट लेने वाले नेता पांच साल में कैसे मालामाल हो गए हैं। जनता को इसकी जानकारी के लिए आरटीआई या फिर किसी अन्य तकनीक का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। चुनाव आयोग ने नेता जी पर शिकंजा कसते हुए नामांकन के दौरान फार्म नंबर 26 की पहरेदारी बिठा दी है। इस फार्म पर नेताजी को अपने पांच सालों के इनकमटैक्स रिटर्न का डिटेल देना होगा।
खास बात यह है कि फार्म में प्रत्याशी के साथ उनके परिजनों की आय व्यय का भी पूरा ब्योरा भरना पड़ेगा। अभी तक नेताजी को चालू वित्तीय वर्ष के साथ अंतिम वर्ष के आय व्यय का डिटेल्स शपथ फार्म में भरना होता था। लेकिन अब नेताजी को अपने पांच सालों का हिसाब देना होगा। चंडीगढ़ में 7वें और अंतिम चरण में 19 मई को मतदान है।
इसके लिए 22 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। इसी के साथ नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। इस बार आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए नामांकन के फार्म नंबर 26 शपथ पत्र में फेरबदल किया है। इस शपथ पत्र में अंतिम वर्ष से एक वर्ष पहले और नामांकन के साल के आय एवं व्यय का लेखा जोखा देना पड़ता था।
लेकिन इस बार आयोग ने नेताजी के पांच सालों के इनकम टैक्स की पूरी ब्योरा भरने का विकल्प दिया है। शपथ पत्र में कालमवार प्रत्याशी को रिटर्न भरने की पूरी जानकारी आयोग को देनी होगी।