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लोकसभा चुनाव 2019: अब लोग पूछेंगे सवाल, नेताजी कैसे हो गए मालामाल, देना होगा पूरा हिसाब

Mon, 25 Mar 2019 05:00 PM IST
खुशबू गोयल अनुभव अवस्थी, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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ईमानदारी की कसमें खाकर वोट लेने वाले नेता पांच साल में कैसे मालामाल हो गए हैं। जनता को इसकी जानकारी के लिए आरटीआई या फिर किसी अन्य तकनीक का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। चुनाव आयोग ने नेता जी पर शिकंजा कसते हुए नामांकन के दौरान फार्म नंबर 26 की पहरेदारी बिठा दी है। इस फार्म पर नेताजी को अपने पांच सालों के इनकमटैक्स रिटर्न का डिटेल देना होगा।
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खास बात यह है कि फार्म में प्रत्याशी के साथ उनके परिजनों की आय व्यय का भी पूरा ब्योरा भरना पड़ेगा। अभी तक नेताजी को चालू वित्तीय वर्ष के साथ अंतिम वर्ष के आय व्यय का डिटेल्स शपथ फार्म में भरना होता था। लेकिन अब नेताजी को अपने पांच सालों का हिसाब देना होगा। चंडीगढ़ में 7वें और अंतिम चरण में 19 मई को मतदान है।

इसके लिए 22 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। इसी के साथ नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। इस बार आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए नामांकन के फार्म नंबर 26 शपथ पत्र में फेरबदल किया है। इस शपथ पत्र में अंतिम वर्ष से एक वर्ष पहले और नामांकन के साल के आय एवं व्यय का लेखा जोखा देना पड़ता था।
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लेकिन इस बार आयोग ने नेताजी के पांच सालों के इनकम टैक्स की पूरी ब्योरा भरने का विकल्प दिया है। शपथ पत्र में कालमवार प्रत्याशी को रिटर्न भरने की पूरी जानकारी आयोग को देनी होगी।
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परिजनों की आय भी सार्वजनिक करनी होगी

प्रत्याशी को अभी तक अपने परिजन जैसे पत्नी या फिर बेटे व बेटी के आयकर की जानकारी नहीं देनी पड़ती थी। लेकिन अब शपथ पत्र के नए फारमेट पर प्रत्याशी को अपने साथ ही अपने परिजनों केआय व व्यय का ब्योरा देना होगा। प्रत्याशी को अब अपने और सभी परिजनों के देश और विदेश में खुले खातों की जानकारी भी फार्म के माध्यम से आयोग को उपलब्ध करानी होगी। इसके साथ ही अकाउंट में कितना पैसा है, इसका पूरा डिटेल्स फार्म में भरना होगा।

मुकदमों की क्रमवार देना होगा ब्योरा
 नेताजी की कमाई के पांच सालों का डिटेल्स लेने के लिए आयोग ने फार्म नंबर 26 में कई कॉलम जोड़े हैं। इन कॉलम में पांच साल के आयकर के साथ ही कहां किस थाने में कितने मुकदमे चल रहे हैं, इसकी भी जानकारी देनी होगी। मुकदमों में कोई कार्रवाई हुई या नहीं, इसकी डिटेल्स के साथ प्रत्याशी को अपने परिजनों के विषय की पूरी जानकारी आयोग को फार्म 26 के द्वारा देनी होगी।
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