लोकसभा चुनाव 2019 में 30 साल बाद चौधरी चरण सिंह और ताऊ देवीलाल की तीसरी पीढ़ी एक साथ नजर आएगी और एक नया समीकरण बनाएगी। जेजेपी नेता और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला, बागपत से चुनाव लड़ रहे रालोद नेता जयंत चौधरी के साथ मिलकर नरेंद्र सिंह के लिए रोड शो करेंगे। नरेंद्र सिंह मथुरा से हेमा मालिनी के खिलाफ प्रत्याशी हैं। दोनों परिवारों से 30 साल बाद यह सियासी धूल छंटने जा रही है, जिसे हटाने का काम दुष्यंत और जयंत ने किया है।
पिछले कई दिनों से दुष्यंत और जयंत में नजदीकियां बढ़ी है। उत्तर प्रदेश में पहली बार दोनों नेता एक ही मंच पर दिखेंगे। यही नजारा हरियाणा में भी दिखेगा। जयंत यहां जेजेपी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगते नजर आएंगे। दुष्यंत चौटाला ने उत्तर प्रदेश के कई गांव में जयंत के साथ सभाओं का कार्यक्रम भी जारी किया है। गुजरे जमाने में चौधरी चरण सिंह और देवीलाल परिवार के बीच मधुर संबंध थे। सत्तर के दशक में दोनों नेताओं ने मिलकर मोरारजी देसाई की सरकार गिराई थी।
लेकिन राजनीति के पायदान पर ऊपर पहुंचने के बाद चौधरी चरण सिंह ने देवीलाल परिवार की अनदेखी करनी शुरू कर दी। उसके बाद से रिश्तों पर धूल जमनी शुरू हो गई थी। बात यहां तक पहुंची कि अस्सी के दशक में देवीलाल के खिलाफ चौधरी चरण सिंह ने अपनी पार्टी का प्रत्याशी तक खड़ा किया। हालांकि देवीलाल के सामने चरण सिंह के उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई, लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है। तीसरी पीढ़ी ने सालों से चली आ रही दूरियों को खत्म कर एक नया सिायासी पैंतरा चला है।