हरियाणा में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती और राजकुमार सैनी के बीच सोनीपत और कुरुक्षेत्र की सीट को लेकर मामला उलझ गया है। सीटों के बंटवारे में बसपा के हिस्से आठ व लोसुपा के हिस्से में दो सीटें आई थीं। लोसुपा को बसपा ने सोनीपत और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट दी हुई है।
भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतार चुके हैं, जबकि सोनीपत लोकसभा सीट पर स्थिति पेचीदा हो गई है। सैनी पिछले कई दिनों से सोनीपत सीट पर प्रत्याशी उतारने के लिए कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं कि सैनी किसी अन्य नेता को उतारने के बजाए खुद यहां से चुनाव लड़ें। जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पार्टी का मानना है कि सैनी का पलड़ा सोनीपत से भारी हो सकता है।
बसपा चाहती- सैनी कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ें
उधर, बसपा नेताओं का तर्क है कि सैनी सोनीपत सीट को छोड़कर कुरुक्षेत्र सीट से चुनाव लड़ें। चूंकि, वर्तमान में सैनी यहीं से सांसद हैं और इस सीट पर सैनी समुदाय की संख्या काफी ज्यादा है। सूत्रों के अनुसार, बहुजन समाज पार्टी ने राजकुमार सैनी पर इस बात के लिए दबाव बनाया है कि वह सोनीपत के बजाए कुरुक्षेत्र सीट लें और खुद मैदान में उतरें। इसमें राजनीतिक मामलों की कमेटी ने राजकुमार सैनी को खुद चुनाव लड़ने के लिए कहा है।
अगले सप्ताह लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की बैठक होगी, जिसमें गठबंधन सभी उम्मीदवारों की घोषणा करेगा। उसमें साफ होगा कि सैनी के खाते में सोनीपत सीट ही आती है या फिर कुरुक्षेत्र भी मिलती है। राजकुमार सैनी का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं। सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। खुद चुनाव लड़ने को लेकर बसपा नेताओं से बात कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।