रोड शो में कार्यकर्ताओं की भीड़
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लोकसभा चुनाव के आखिरी दौर में हरियाणा में इन दिनों रैलियों का सिलसिला जारी है और इन रैलियों जरिए सभी शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी की बड़ी रैलियों के साथ-साथ केजरीवाल, सनी देओल, नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई नेताओं के रोड शो व जनसभाएं हो चुकी हैं। सभी राजनीतिक दलों ने इन रैलियों व जनसभाओं में भीड़ जुटाने के लिए खूब पसीना भी बहाया है। हर पार्टी अपनी-अपनी रैलियों हिट बताने में भी पीछे नहीं है।
समर्थक इन रैलियों में हजारों और लाखों लोगों के जुटने का दावा करते नहीं थक रहे हैं। मगर अब दलों और प्रत्याशियों के लिए बड़ी चुनौती यह है कि रैलियों की भीड़ को वोट में कैसे बदला जाए। हरियाणा में पिछले एक सप्ताह से रैलियों का दौर चल रहा है। भाजपा तो प्रदेश में विजय संकल्प रैली का अभियान छेड़े हुए हैं। सीएम मनोहर लाल इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं और विभिन्न विधानसभाओं में भाजपा की विजय संकल्प रैलियों का आयोजन चल रहा है।
वीरवार को भाजपा ने अपना शक्ति प्रदर्शन करते हुए सिरसा और यमुनानगर में फिल्म अभिनेता सनी देओल का रोड शो निकाला। सनी देओल को देखने के लिए जबरदस्त भीड़ उमड़ी। भाजपा ने इस भीड़ से माहौल बनाने की कोशिश की। शुक्रवार को रोहतक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली है। इस रैली में जबरदस्त भीड़ जुटाने के लिए भाजपा नेता और वर्कर जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। शुक्रवार को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी भाजपा की रैली को टक्कर देने के लिए गोहाना में भी रैली रख दी है।
इस रैली के बहाने हुड्डा पूरे प्रदेश में अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। बहरहाल, रोहतक और गोहाना में शुक्रवार को होने वाली रैली दोनों ही दलों के लिए भीड़ जुटाने के लिहाजा से अहम होगी। मगर देखना यह है कि रैलियों की यह भीड़ प्रत्याशियों के लिए कितनी फायदेमंद साबित होती है।