लोकसभा चुनाव की जीत के बाद भाजपा की निगाहें अब विधानसभा चुनाव पर टिकी है। पार्टी चुनाव की समीक्षा करते हुए चंडीगढ़ फतह की तैयारियों में जुट गई है। इसी को लेकर भाजपा हर विधानसभा क्षेत्र वाइज अपने प्रदर्शन का आकलन कर आगामी रणनीति तैयार करेगी। इस बार लोकसभा चुनाव में यदि देखा जाए तो कुल 90 विधानसभा सीटों से भाजपा ने 79 सीटों पर बढ़त बनाई है। जबकि वर्ष 2014 के विधानसभा में भाजपा को सिर्फ 47 सीटें ही मिली थी।
लोकसभा नतीजों के बाद विधानसभा वार भाजपा का प्रदर्शन देखें तो भाजपा ने जीटी रोड बेल्ट पर अपना पुराना किला और मजबूत कर लिया है, तो वहीं इस बार बांगर बेल्ट में भी जबरदस्त सेंधमारी की है। इसके साथ-साथ अहीरवाल क्षेत्र तो पहले की तरह भाजपा की मुट्ठी में है। मगर जाटलैंड में इस बार कमल खिलाकर भाजपा ने सभी को चौंका दिया है। भाजपा ने इस लोकसभा चुनाव में जीटी रोड बेल्ट से सटे संसदीय क्षेत्र अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और सोनीपत सीटों की सभी 33 विधानसभा हलकों में से इस बार 31 सीटों पर बढ़त बनाई है।
यहां कांग्रेस सिर्फ सोनीपत संसदीय क्षेत्र की दो सीट बरौदा और खारखौदा में आगे रही। जबकि 2014 के विधानसभा चुनाव में जीटी रोड बेल्ट की इन्हीं 33 सीटों में से भाजपा के खाते में सिर्फ 23 सीटें आई थी। यानी पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा जीटी रोड बेल्ट से सटी 10 सीटों पर हारी थी। मगर इस लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जीटी रोड बेल्ट का अपना किला और मजबूत किया है। भाजपा सिर्फ दो विधानसभा क्यों हारी, अब इस पर मंथन जारी है।
बांगर बेल्ट में लड़खड़ाई कांग्रेस-इनेलो
हरियाणा की बांगर बेल्ट कैथल, जींद, हिसार व भिवानी क्षेत्र में इस लोकसभा में भाजपा ने जबरदस्त सेंधमारी की है। वर्ष 2014 के विधानसभा यदि देखें तो भाजपा यहां ज्यादा मजबूत नहीं थी, लेकिन इस बार परिस्थितियां कुछ और ही हैं। पिछले विधानसभा में इस बांगर बेल्ट की कुल 22 विधानसभा सीटों में भाजपा ने सिर्फ 7 सीटें ही जीती थी।
शेष में से 12 सीटों पर कांग्रेस और इनेलो का कब्जा था, तो 3 सीटों पर आजाद विधायक जीते थे। लेकिन इस लोकसभा चुनाव में इन 22 विधानसभा हलकों में से भाजपा ने धमाकेदार प्रदर्शन दिखाते हुए 21 सीटों पर विजयी प्राप्त की। सिर्फएक हल्के नारनौंद में जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने बढ़त बनाई।
वोट बैंक के साथ-साथ विश्वास भी बढ़ाया
हरियाणा की इस दोनों बेल्ट में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ भाजपा ने इस एरिया के सभी विधानसभा हलकों में अपना वोट बैंक तो बढ़ाया ही है, साथ ही इस एरिया के लोगों के बीच अपना विश्वास भी बढ़ाया है। इस बार दोनों बेल्ट की कुल 55 सीटों में से 52 सीटें भाजपा ने जीती हैं और जीती हुई इन सभी हलकों में भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव की अपेक्षाकृत ज्यादा मत हासिल किए हैं। जिसे लेकर भाजपा खासी उत्साहित है।