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लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़ी तीन बेहद जरूरी जानकारियां, चंडीगढ़वासी ध्यान दें...बड़े काम आएंगी

Tue, 12 Mar 2019 12:56 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ बीजेपी, संजय टंडन
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लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का एलान होते ही आचार संहिता लागू हो गई। साथ ही इंतजाम करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, तो जानिए तीन ऐसी जानकारियां जिनके बारे में हर वोटर को पता होना चाहिए।
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चुनाव खर्च पर पैनी नजर, रोज का हिसाब रखेगा प्रशासन
चंडीगढ़ में उम्मीदवार कितने पैसे खर्च करेंगे, इसका ब्योरा रोज के हिसाब से रखा जाएगा। इसके लिए नोडल अफसर तैनात किया गया है। एक्सपेंडिचर मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है। वीडियो सर्विलांस टीम, वीडियो व्यूइंग टीम, स्टेटिक सर्विलांस टीम, फ्लाइंग स्कवायड टीम और अकाउंटिंग टीम नियुक्ति की गई है।

चंडीगढ़ की तीन सब डिवीजन के लिए नौ फ्लाइंग स्कवायड टीमें, स्टैटिक सर्विलांस टीमें गठित की गई हैं। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट इसका हेड रहेगा, जो कोड ऑफ कंडक्ट सही तरीके से लागू कराने के लिए जिम्मेदार रहेगा। पीसीएस अनिल गर्ग को कोड ऑफ कंडक्ट का पालन कराने के लिए तैनात किया गया है। कहीं पर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन होता है तो इस नंबर पर 9815501422 शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। 
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अब पोलिंग बूथ पर नहीं लगेगी लंबी लाइन

चंडीगढ़ में 19 मई को डाले जाएंगे। तब सिटी में गर्मी चरम पर होगी। लू के थपेड़ों के साथ गर्म हवाएं चलेंगी। ऐसे में मतदान केंद्रों पर लगने वाली लंबी लाइनों से लोगों को बचाने के साथ ही गर्मी में अधिक दूरी न तय करनी पड़े, इसके लिए आयोग ने बूथों की संख्या बढ़ा दी है। अब लोग अपने नजदीकी बूथ पर आसानी से पहुंचकर अपना वोट डाल सकेंगे।

मुख्य चुनाव अधिकारी अजोय कुमार सिन्हा का कहना है कि उनकी कोशिश है, लोगों को पोलिंग लोकेशन सहूलियत के हिसाब से मिले। इस बार खासतौर पर ध्यान रखा गया है कि एक ही परिवार के लोगों को अलग-अलग पोलिंग बूथों पर न जाना पड़े। यही वजह है कि 2014 की तुलना में इस बार 70 बूथ ज्यादा बनाए गए हैं।

इससे जहां मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा। वहीं लोग आसानी से अपना वोट डाल सकेंगे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 527 पोलिंग बूथ थे। इस बार इनकी संख्या बढ़कर 597 कर दी गई है। सभी बूथ कंप्लीट हैं। इन पर पानी, बिजली और आवागमन की सुविधाएं मौजूद हैं। इसके अलावा यदि कहीं से कोई शिकायत मिलती है तो तत्काल उसका समाधान किया जाएगा।
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नगर निगम की कमेटियों का गठन भी अधर में

आचार संहिता लागू होने के कारण अब नगर निगम की 14 विभिन्न कमेटियों का गठन भी ठंडे बस्ते में पड़ गया है। अब आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही कमेटियों का गठन हो सकेगा। ऐसे में इन कमेटियों के चेयरमैन बनने के सपने संजाए पार्षदों को अभी इंतजार करना होगा।

इन कमेटियों में रोड कमेटी, वाटर सप्लाई एंड सीवरेज डिस्पोजल कमेटी, हाउस टैक्स असेस्टमेंट कमेटी, सैनिटेशन कमेटी, इन्फोर्समेंट कमेटी, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज कमेटी, अपनी मंडी और डे मार्केट कमेटी, आर्ट कल्चर एंड स्पोर्ट्स कमेटी, स्लम, कालोनी और विलेज कमेटी, इलेक्ट्रिसिटी कमेटी, एन्वायर्नमेंट एंड सिटी ब्यूटीफिकेशन कमेटी, प्राइमरी हेल्थ कमेटी और प्राइमरी एजुकेशन कमेटी है।

प्रत्येक कमेटी में नौ पार्षद होते हैं। इन्हीं सदस्यों में से एक चेयरमैन बनता है। ये कमेटियां शहर में विकास के एजेंडों को तय करती हैं। अब जबकि कमेटी का गठन ही नहीं हुआ है तो इसकी बैठक भी नहीं हो सकेगी।
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