अमृतसर संसदीय सीट में कांग्रेस स्वयं को ड्राइविंग सीट में मान कर चल रही है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह माझा की तीन में से एक महत्वपूर्ण सीट अमृतसर के शहरी मतदाताओं के साथ संपर्क साधने के लिए अभी तक नहीं पहुंचे। 19 मई को मतदान है लेकिन कैप्टन शहरी हलकों में चुनाव प्रचार के लिए नहीं पहुंचे हैं। कैप्टन ने अमृतसर संसदीय हलके की एक मात्र जनसभा जंडियाला गुरु में की है, जबकि इस विधानसभा का अधिकतर हिस्सा खडूर साहिब संसदीय हलके के साथ जुड़ा हुआ है।
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कांग्रेस के स्टार प्रचारक और मंत्री नवजोत सिद्धू देश भर में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए 85 से अधिक जनसभाएं कर चुके हैं लेकिन अपने घर अमृतसर में अभी तक किसी भी जनसभा के लिए सिद्धू को जिला कांग्रेस कमेटी या चुनाव लड़ रहे गुरजीत औजला ने न्योता नहीं भेजा है। अमृतसर संसदीय हलके की नौ विधानसभा सीटों में आठ विधायक कांग्रेस के हैं। यह सभी विधायक गुरजीत औजला के चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। मजीठा हलके से विधायक बिक्रम सिंह मजीठिया बठिंडा और फिरोजपुर में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।
बीच में कुछ समय आकर वे भाजपा उमीदवार हरदीप पुरी के चुनाव प्रचार को गति दे जाते हैं। 2004, 2009 और 2007 में हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले नवजोत सिंह सिद्धू की हैट्रिक का मुख्य कारण ग्रामीण विधान सभा हलकों में भारी बहुमत से बढ़त लेना था। अटारी और अजनाला विधानसभा हलकों से भाजपा को भारी समर्थन मिलता रहता है। इस बार अटारी के पूर्व विधायक फरीदकोट हलके से चुनाव लड़ रहे हैं। अजनाला के पूर्व विधायक शिअद का साथ छोड़ चुके हैं। ऐसे में इन तीन हलकों में भाजपा के संपर्क अभियान की गति धीमी है।
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हरदीप पुरी को शहरी सिख मतदाताओं के समर्थन की उम्मीद थी लेकिन निरंकारी भवन में आयोजित सत्संग के दौरान धार्मिक शख्सियत के चरणों में माथा टेकने की वायरल फोटो के बाद पुरी के चुनाव प्रचार को धक्का लगा है। पुरी के चुनाव प्रचार के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गौतम गंभीर और स्मृति ईरानी आ चुके हैं।
इसके बावजूद पुरी के चुनावी अभियान को गति नहीं मिल पाई है। आम आदमी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ रहे कुलदीप धालीवाल के सामने शहरी मतदाताओं को अपने पक्ष में करना कड़ी चुनौती है। पेशे से किसान धालीवाल जट्ट सिख हैं। ग्रामीण हलकों में धालीवाल कांग्रेस के जट्ट सिख मतदाताओं का वोट काटने का सामर्थ्य रखते हैं।
अमृतसर में नौ विधानसभा हलके हैं, जिनमें अमृतसर नार्थ, अमृतसर सेंट्रल, अमृतसर पश्चिम, अमृतसर पूर्वी, अमृतसर साउथ, मजीठा, अटारी, राजासांसी और अजनाला शामिल हैं।
अमृतसर लोकसभा सीट
कुल मतदाता : 14 लाख 62 हजार और 972
पुरुष : 7,78,608
महिला : 6,90,393
गुरजीत औजला (कांग्रेस)
मजबूती...2017 का उपचुनाव जीतने के बाद लोगों में बढ़ी लोकप्रियता, कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ बढ़िया तालमेल, स्थानीय होने का लाभ, एमपी लैंड फंड से हॉस्पिटलों की दशा सुधरी
कमजोरी...एमपी बनने के बाद विधायकों से दूरी। कैप्टन सरकार के बावजूद कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं लाए।
हरदीप पुरी (भाजपा)
मजबूती...केंद्र में मंत्री। प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और अरुण जेटली के निकट सहयोगी। मंत्री बनने के बाद गुरु नगरी के एक गांव को गोद लेकर विकास करवाया, शहरी सिख चेहरा।
कमजोरी...बाहरी होने का ठप्पा, भाजपा की गुटबंदी, ग्रामीण हलकों में भाजपा का कोई भी कैडर न होना, शहरी हलकों में भाजपा की पकड़ ढीली होना।
कुलदीप धालीवाल (आप)
मजबूती : किसान होने का लाभ, जट्ट सिखों में पैठ।
कमजोरी : आप का टूटना, शहरी हलकों में पहचान का संकट।