फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव 2019: 'आप' के मंसूबों पर फिरा पानी, इस बार नहीं बांट पाएगी झाड़ू

Fri, 15 Mar 2019 11:45 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी अपने चुनाव निशान झाड़ू के प्रति मतदाताओं को जागरूक करने के लिए उसे घर-घर बांटने पर विचार कर रही थी, लेकिन मंसूबों पर पानी फिर गया। पिछले दिनों चुनाव अधिकारियों और पार्टी के प्रतिनिधियों की एक बैठक में झाड़ू बांटने पर विचार हुआ। पार्टी के प्रतिनिधियों ने झाड़ू के रेट कम करने की अपील की थी, ताकि वे पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए घर-घर झाड़ू बांट सकें।

विज्ञापन


इस पर दूसरी पार्टियों के प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताते हुए चुनाव अधिकारियों के सामने विरोध जताया है। उनका कहना था कि झाड़ू का इस्तेमाल पोस्टर व बैनर में किया जा सकता है, लेकिन उसे बांट नहीं सकते। यदि ऐसा हुआ तो वह गिफ्ट की श्रेणी में आ जाएगा। इस पर चुनाव अधिकारियों ने फिलहाल रोक लगा दी है और कहा है कि इस पर विचार करेंगे और बाद में बताएंगे। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यदि झाड़ू बांटी तो वे इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेंगे।

नेता जी वोट मांगेंगे, लेकिन आपकी चाय नहीं पीएंगे

नेता जी को अपने घर पर बुलाकर उनका स्वागत करते हुए उन्हें चाय पिलाना समर्थकों को महंगा पड़ सकता है। चुनाव प्रचार के दौरान यदि नेता जी किसी समर्थक के बुलाने पर उसके घर या सेक्टर में मीटिंग करने जाते हैं तो उनके स्वागत में आने वाले फूल, माला, चाय, समोसे का खर्च प्रत्याशी के चुनावी खर्चे में जोड़ दिया जाएगा।

हालांकि, इस बार प्रत्याशियों को ज्यादा खर्च करने का मौका मिलेगा, लेकिन भारी भी पड़ सकता है। नामांकन के बाद चुनाव प्रचार खत्म होने तक उम्मीदवार 53 लाख रुपये तक खर्च कर सकेगा, जो पिछली बार से करीब 40 फीसदी अधिक है। चुनाव अधिकारी ने चुनाव प्रचार के दौरान इस्तेमाल होने वाली चीजों के दाम और किराया तय कर दिया है।

इसके साथ ही कुछ ऐसे दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके उल्लंघन को लेकर उम्मीदवारों पर सख्ती बरती जा सकती है। चुनाव अधिकारी ने यह भी साफ किया है कि नामांकन करने के दिन से ही चुनावी खर्च गिना जाएगा। नामांकन से पहले किए गए खर्च का पार्टी को ब्योरा देना होगा।

स्टार प्रचारक का खर्च नहीं जुड़ेगा

चुनाव आयोग की ओर से यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि कोई स्टार प्रचारक किसी प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार करने आता है तो उसका खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्चे में नहीं जुड़ेगा। यदि वह कहीं से उम्मीदवार है और यहां चुनाव प्रचार करने आया है तो वह खर्च उसके चुनावी खर्च में जुड़ जाएगा। चंडीगढ़ एक वीआईपी संसदीय सीट है। यहां पर प्रचार के लिए कोई न कोई वीआईपी जरूर आता है। ऐसे में चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि स्टार प्रचारक यहां आते हैं तो उनके रुकने, खाने पीने का खर्च चुनावी खर्च में नहीं जुड़ेगा।

कांग्रेस की हमेशा से सोच रही है कि चुनाव साफ सुथरा हो। यदि किसी ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया तो पार्टी उसकी आपत्ति जरूर दर्ज कराएगी। हम इस पर नजर रख रहे हैं।
- सुभाष चावला, पूर्व मेयर कांग्रेस

हमारी मंशा झाड़ू बांटने की नहीं है। झाड़ू तो गंदगी को बाहर निकालने के लिए है। हमने अपनी एक राय रखी थी। झाड़ू तो हर घर में होती है। यह तो पार्टी का चुनाव चिह्न है।
- कौशल सिंह, संस्थापक सदस्य आप
विज्ञापन

इन सभी के दाम तय किए गए

चाय-------------------8 रुपये
कॉफी------------------15 रुपये
लड्डू बूंदी एक किग्रा------150 रुपये
मठ्ठी-------------------5 रुपये
समोसा-------------------10 रुपये
ड्राइवर की सैलरी एक दिन---576 रुपये
प्रिंटिंग टीशर्ट---------------150 प्रत्येक
ढोली---------------------500 हाफ डे/एक हजार फुल डे
सोफा सेट वीआईपी----------480 प्रत्येक
बेसन बर्फी एक किग्रा--------200 रुपये
बर्फी एक किग्रा--------------280 रुपये
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें