नतीजतन, आजाद उम्मीदवारों को एक फीसदी से भी कम मतदान मिला। अमृतसर में 26, गुरदासपुर में 11, पटियाला में 21, बठिंडा में 24, फिरोजपुर में 18, लुधियाना में 18, संगरूर में 20, फरीदकोट में 16, फतेहगढ़ साहिब में 16, आनंदपुर साहिब में 22, होशियारपुर में 04, खडूर साहिब में 15 और जालंधर में 15 उम्मीदवारों को एक फीसदी से कम वोट मिले और इनकी जमानत जब्त हो गई।
235 उम्मीदवारों की जमानत हुई जब्त
मोदी लहर के बीच कांग्रेस अपनी आठ सीट बचाने में कामयाब रही लेकिन प्रदेश में 235 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इसमें आम आदमी पार्टी के भी 12 उम्मीदवार शामिल थे। चुनावी मैदान में उतरे पंजाब एकता पार्टी के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा, आम आदमी पार्टी के विधायक प्रो. बलजिंदर कौर, पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह जैसे बड़े नेताओं की भी जमानत जब्त हुई है। बता दें कि उम्मीदवारों को जमानत राशि बचाने के लिए कुल वैध वोट का छठां भाग हासिल करना जरूरी होता है।
पंजाब के 13 लोकसभा सीटों पर करीब दो फीसदी लोगों ने मतदाताओं को नकार दिया। सभी सीटों पर मतदाताओं ने चुनावी मैदान में खड़े उम्मीदवार की जगह नोटा के विकल्प को प्रमुखता दी। लोगों ने लाइन में लगकर मताधिकार का इस्तेमाल किया लेकिन किसी उम्मीदवार के पक्ष में वोट देना कबूल नहीं किया।
सूबे की 13 लोकसभा सीटों में से सबसे अधिक नोटा का बटन फरीदकोट सीट पर दबा। यहां पर 19 हजार 246 लोगों ने नोटा का बटन दबाया। खंडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र में पर सबसे कम नोटा दबाया गया। इस सीट पर केवल 5 हजार 130 लोगों ने नोटा का बटन दबाया।
किस सीट पर दबा कितना नोटा
अमृतसर-8763,गुरदासपुर- 9560, पटियाला-11110,बठिंडा- 13323,फिरोजपुर- 14891,लुधियाना- 10538, संगरूर-6490,फरीदकोट-19246, फतेहगढ साहिब-13045, श्री आनंदपुर साहिब- 17135, होशियारपुर- 12868,श्री खंडूर साहिब- 5130, जालंधर- 12324 लोगों ने नोटा दबाया।