फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सत्ता का संग्राम: पुश्तैनी सीटों को बचाना पार्टियों के लिए चुनौती...जालंधर, लुधियाना, पटियाला में बदल गए चेहरे

Wed, 03 Apr 2024 09:20 AM IST
शाहरुख खान सुरिंदर पाल, जालंधर

सार

आगामी लोकसभा चुनाव में पुश्तैनी सीटों को बचाना पार्टियों के लिए चुनौती है। पंजाब में जालंधर, लुधियाना, पटियाला में चेहरे बदल गए हैं।
विज्ञापन
Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा चुनाव सिर पर हैं और पंजाब में राजनीतिक जोड़-तोड़ तेज होती जा रही है। इस बार चुनाव दिलचस्प व चुनौतीपूर्ण होने जा रहे हैं। खासकर पुश्तैनी सीटों पर अपनी साख व जीत को बरकरार रखना चुनौती होगी। जिन सीटों पर चेहरे बदल रहे हैं, उन सीटों को जीतना पार्टी के लिए मुश्किल होगा।
विज्ञापन


पटियाला लोकसभा सीट पर कांग्रेस की परनीत कौर मजबूत उम्मीदवार तो हैं, लेकिन इस बार परनीत कौर भाजपा के चुनाव चिह्न पर उतर रही हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर केंद्र में मंत्री भी रही हैं। इस बार पटियाला में कांग्रेस धर्मवीर गांधी को पार्टी जॉइन करवाकर मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। 

कांग्रेस के लिए यह सीट को बचाना बड़ी चुनौती होगी। वहीं तीन बार लगातार लुधियाना से जीत हासिल करने वाली कांग्रेस को चौथी बार जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। कांग्रेस से संसदीय चुनाव जीतने वाले रवनीत बिट्टू इस बार भाजपा की टिकट पर लुधियाना से मैदान में हैं। 
विज्ञापन


कांग्रेस किसी नए चेहरे की तलाश में है, जिसके जरिए अपनी इस सीट व जीत को बरकरार रख सके। इसी तरह से जालंधर में आप के लिए बड़ी दिक्कत है। कांग्रेस का किला ध्वस्त करने वाले आप के सांसद रिंकू भाजपा को जॉइन कर चुके हैं। आप के लिए जालंधर की सीट को दोबारा जीतना मुश्किल की राह होगी। 

आप के लिए जालंधर की सीट प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है। कांग्रेस इस सीट से चरणजीत चन्नी को उतारने की तैयारी कर रही है, जबकि आप की तरफ से किसी दमदार चेहरे पर दांव लगाने की तैयारी चल रही है।

संगरूर सीट पर लगातार भगवंत मान जीतते रहे हैं लेकिन उपचुनाव में यह सीट अकाली दल अमृतसर के सिमरनजीत सिंह मान ने जीत ली थी। इस बार आप की तरफ से मंत्री मीत हेयर मैदान में है और आप के लिए अपनी खोई हुई सीट को दोबारा पाना जद्दोजहद हो सकती है।

 
विज्ञापन

अकाली दल की बीबी हरसिमरत कौर बठिंडा से पिछली बार 2019 में जीती थी, जिसमें अकाली भाजपा गठबंधन था। उनकी जीत महज 20 हजार वोटों से हुई थी। इस बार अकाली दल व भाजपा के रास्ते अलग-अलग हैं और अकाली दल के लिए यह सीट भी प्रतिष्ठा व चुनौतीपूर्ण होगी। हरसिमरत कौर अकाली दल सुप्रीमो सुखबीर बादल की पत्नी हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें