लोकसभा चुनावों में बीजेपी की बंपर जीत के बाद प्रदेश में भी बीजेपी की लहर चल पड़ी। लेकिन विधानसभा चुनावों के लिए पोलिंग से महज 15 दिन पहले सुनीता दुग्गल को रतिया विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने टिकट थमा दी। रतिया को इनेलो का गढ़ माना जाता है। लेकिन इसके बावजूद सुनीता दुग्गल ने यहां आकर धुआंधार प्रचार शुरू कर दिया।
दुग्गल ने महज 15 दिनों के चुनाव प्रचार में ही 50 हजार से अधिक वोट हासिल किए थे। इस सीट पर इससे पहले बीजेपी कभी इतने वोटों के आसपास भी नहीं फटकी थी। ये चुनाव सुनीता दुग्गल महज 4 सौ वोट से हारीं और इनेलो के प्रो. रविंद्र बलियाला यहां से विधायक बने।
सिरसा सीट से बीजेपी उम्मीदवार सुनीता दुग्गल का परिवार नौकरशाहों से भरा हुआ है। वो खुद आयकर अधिकारी रही हैं तो उनके भाई सुमित कुमार एचसीएस अधिकारी हैं। इसके अलावा उनके पति राजेश दुग्गल एचपीएस अधिकारी हैं। राजेश दुग्गल बीजेपी सरकार में ही कई जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दे चुके हैं।