लोकसभा चुनाव से पहले पंजाब 'आप' में बगावत, पार्टी के बागी सुखपाल खैरा गुट ने निलंबन के जवाब में पार्टी नेताओं पर कार्रवाई का एलान कर दिया है। खैरा गुट की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में यह फैसला किया गया। प्रेस कांफ्रेंस में खैरा ने अपने और कंवर संधू के निलंबन को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि न तो उन्हें कोई नोटिस दिया गया, न ही उनका पक्ष सुना गया। पार्टी संविधान में न तो कोर कमेटी है, न ही सह प्रधान का पद।
इसलिए कोर कमेटी द्वारा उन्हें सस्पेंड किए जाने के फैसले का कोई मतलब नहीं है। वे अब पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा फैसला करने वाली कोर कमेटी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इसके लिए संधू की अगुवाई में पिरमल सिंह और कमलजीत कौर की अनुशासनात्मक कमेटी गठित की गई है। साथ ही पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी केपूर्व वीसी डॉ. केएस औलख को लोकायुक्त बनाया गया है।
अब कोर कमेटी के चेयरमैन को नोटिस भेज कर जवाब मांगा जाएगा, बाकी मेंबरों का भी पक्ष सुना जाएगा। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल से पूछना चाहते हैं कि पंजाब के लोगों के साथ इतना बड़ा धोखा क्यों किया, अपने ही बनाए संविधान को ताक पर रख दिया। खैरा ने कहा कि वे पंजाब के लोगों के कहने पर ही आगे बढ़ेंगे। उनके फेसबुक पेज पर अब तक 11 हजार लोग राय दे चुके हैं। लोगों के मुताबिक ही अगली रणनीति तय करेंगे।
बागी गुट निकालेगा इंसाफ मार्च
सुखपाल खैरा ने बताया कि दिसंबर में तलवंडी साबो से पटियाला तक आठ दिन का इंसाफ मार्च निकाला जाएगा। जो तीन मुद्दों पर केंद्रित होगा। बेअदबी की घटनाओं और बहिबल कलां गोली कांड के मामले में इंसाफ की मांग की जाएगी। अकाली तो इसकेलिए जिम्मेदार थे, पर कांग्रेस ने भी कुछ नहीं किया। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के बाद भी दोषी पुलिसकर्मियों को बचने का मौका दिया।
अब एसआईटी बना कर जांच और लटका दी। इसके अलावा किसान-मजदूरों के बुरे हालात का मुद्दा है। साथ ही नौजवानों को रोजगार न मिलने का मुद्दा है। इसमें बैंस ब्रदर्स, डॉ. धरमवीर गांधी, बसपा, पंथक व किसान संगठनों को साथ लिया जाएगा। पिछले दिनों केजरीवाल द्वारा दिल्ली में प्रदूषण के लिए पंजाब की पराली को जिम्मेदार ठहराने पर खैरा ने तीखी प्रतिक्रिया जताई। उन्होंने कहा कि यह झूठ, मनगढ़ंत बात है, वैज्ञानिक तक इसका खंडन कर चुके हैं।