कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र में कुरुक्षेत्र, कैथल, पिहोवा, लाडवा, थानेसर सहित काफी सारे गांव सैनी बाहुल्य इलाके हैं। यहां सबसे पहले 1980 में मनोहर लाल सैनी, वर्ष 1989 में गुरदयाल सैनी, वर्ष 1998 व 1999 में प्रो. कैलाशो सैनी, राजकुमार सैनी वर्ष 2014 में कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र से सांसद बने हैं। भाजपा ने एक बार फिर यही केमिस्ट्री दोहराई है। अब देखना है कि इस बार मोदी व मनोहर राज में कैसे नायब सैनी पार्टी की उम्मीदवारी पर खरा उतरते हैं।
अब संसद की दौड़...
नायब सैनी अंबाला के नारायणगढ़ के रहने वाले हैं। वहीं से भाजपा में लंबे समय से संगठन में काम किया। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ मिलकर भाजपा में काम किया और वर्ष 2015 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और भाजपा की टिकट से नारायणगढ़ से विधायक बनें। विधायक बनने के सालभर में ही मुख्यमंत्री के नजदीकी होने के चलते उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया।
अब नायब सैनी संसद की राह की दौड़ में है। बता दें कि जब नायब सैनी के टिकट की घोषणा हुई उस समय वे हरिद्वार में थे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। सैनी ने कहा कि दोपहर तीन बजे पता चला कि पार्टी नेतृत्व ने कुरुक्षेत्र लोकसभा से चुनाव लड़ने का आदेश दिया है। मैं पाटी के केंद्रीय और प्रादेशिक नेतृत्व का आभारी हूं। इस समय मैं हरिद्वार में हूं।