छह सीटों पर टिकट के एलान ने पार्टी वर्करों को यह संकेत दिए हैं कि बाकी सीटों पर भी ऐसे ही नेताओं को टिकट मिलेंगे, जिनकी पार्टी में अच्छी पैठ है। अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर और लुधियाना सीटों की ही चर्चा करें तो इन सीटों के लिए कुल 34 पार्टी कार्यकर्ताओं ने टिकट के लिए आवेदन किया था।
खास बात यह भी है कि इन आवेदकों में अमृतसर के पहले सिख मेयर करमजीत सिंह रिंटू, अजनाला से विधायक हरप्रताप सिंह अजनाला, मजीठा से विधायक रहे सविंदर सिंह कत्थूनंगल, कांग्रेस देहात के प्रधान भगवंत पाल सिंह सच्चर, कैबिनेट मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया के भतीजे यूथ कांग्रेस के प्रधान व जिला परिषद सदस्य दिलराज सिंह सरकारिया, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के छोटे भाई व कारोबारी सुरजीत सिंह कोहली, नवजोत कौर सिद्धू, जालंधर सीट से पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी, विधायक सुशील सिंह और छह बार विधायक रहे सरवन सिंह फिल्लौर, गुरदासपुर से राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा, लुधियाना से पंजाब कांग्रेस महासचिव पवन दीवान, मौजूदा विधायक राकेश पांडे भी दावेदार थे।
होशियारपुर सीट के लिए विधायक राजकुमार चब्बेवाल के अलावा संतोष चौधरी की पुत्री सोहिनी चौधरी, आप से कांग्रेस में शामिल हुई यामिनी गौमर, सीनियर नेता जोगिंदर सिंह मान और पवन आदिया टिकट के प्रबल दावेदार थे। दूसरी ओर, प्रदेश में बाकी बची सात सीटों में से बठिंडा और फिरोजपुर के लिए भी पार्टी कद्दावर नेता तलाश रही है।
बाकी पांच सीटों का जिक्र करें तो खडूर साहिब से जसबीर सिंह डिंपा को टिकट मिलने की अटकलें तेज हैं जबकि श्री आनंदपुर साहिब सीट से कैप्टन अमरिंदर सिंह के पसंदीदा प्रत्याशी मनीष तिवारी के नाम पर सहमति बनने की बात कही जा रही है। वहीं फतेहगढ़ साहिब सीट से अमर सिंह को टिकट दिए जाने की चर्चा है, जबकि इस सीट पर युवा कांग्रेस के नेता भी टिकट के दावेदार हैं, जो पार्टी के लिए ग्राउंड लेवल पर कार्य करते रहे हैं और उसी आधार पर टिकट पाना चाहते हैं।