किशनलाल पांचाल का कहना है कि रोहतक ही नहीं, प्रदेश के अंदर एससी व बीसी समुदाय एकजुट हो गया है। साथ ही सवर्ण समुदाय के लोग भी उनके साथ आ रहे हैं। सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले पर गठबंधन लोकसभा चुनावों में जीत हासिल करेगा।
भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों के सामने वोटों का बंटवारा रोकने की चुनौती
बसपा की तरफ से किशन लाल पांचाल को मैदान में उतारने से लोकसभा क्षेत्र में एससी व बीसी समुदाय की वोट बटेंगी। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा के सामने दोनों समुदायों की वोटों के बंटवारे को रोककर अपने तरफ करने की चुनौती रहेगी।
2014 में बसपा प्रत्याशी को मिले थे 18690 वोट
पांच साल पहले लोकसभा चुनाव में रोहतक सीट से मनोज कुमार ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। बसपा प्रत्याशी पांचवें स्थान पर रहे थे। उन्हें 18690 वोट मिले थे, जो 2009 की अपेक्षा 6.37 प्रतिशत कम था।