पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री संतोष चौधरी ने लगातार दूसरी बार टिकट काटे जाने के बाद अख्तियार किए बगावती सुरों को आखिर तिलांजलि दे दी है। सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नाम लिखे खुले पत्र में संतोष ने अपनी व्यथा बताई, वहीं अपने किए विकास कार्यों का ब्योरा देते हुए टिकट काटे जाने के फैसले को गलत ठहराया है।
राहुल गांधी के नाम लिखे तीन पन्ने के इस खुले पत्र में संतोष ने कहा है कि उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपने वर्करों को मनाया है कि वह आजाद चुनाव लड़वाने का इरादा छोड़ दें और साथ ही राहुल से अपील की है कि भविष्य में ईमानदार और वफादार कार्यकर्ताओं को धन और बल से न तौला जाए। सभी चाहते थे कि वह आजाद चुनाव लड़े लेकिन वह उन्हें समझाने में सफल हो गई हैं कि आजाद चुनाव न लड़ा जाए।