चुनाव आयोग ने पंजाब के 118 ऐसे नेताओं के इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है, जिन्होंने आयोग को पिछले चुनाव के दौरान न तो चुनाव खर्च का हिसाब दिया और न ही उस संबंध में कोई तसल्लीबख्श जवाब दिया।
ऐसे नेताओं को आयोग ने तीन साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य करार देते हुए पंजाब के सभी जिला चुनाव अधिकारियों को इनके नामों की सूची भेज दी है।
राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए जारी प्रक्रिया के दौरान उक्त 118 नेताओं के नामांकन पत्र या तो स्वीकार ही नहीं होंगे या फिर इन नेताओं के कागजात जांच के दौरान रद्द कर दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि आयोग ने जिन 118 नेताओं को अयोग्य करार दिया है, उनमें ज्यादातर निर्दलीय प्रत्याशी और छोटे दलों के नेता हैं।
चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई जन प्रतिनिधि एक्ट 1951 की धारा 10ए के तहत की है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे व्यक्ति को चुनाव लड़ने पर रोक लगाकर उसे अयोग्य करार दिया जाएगा, जो चुनाव खर्च का विवरण नहीं देगा।
अयोग्य करार दिए गए नेताओं की जिलेवार संख्या
| संगरूर |
17 |
| जालंधर |
15 |
| लुधियाना |
26 |
| पठानकोट |
3 |
| गुरदासपुर |
4 |
| कपूरथला |
6 |
| मोगा |
4 |
| तरन तारन |
9 |
| श्री मुक्तसर साहिब |
01 |
| तलवंडी साबो |
01 |
| मानसा |
3 |
| पटियाला |
5 |
| फतेहगढ़ साहिब |
2 |
| धूरी |
2 |
| फरीदकोट |
01 |