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लोकसभा चुनाव 2019: 'आप' और टकसालियों में लगभग तय हुई डील, बस एक सीट पर फंस गया पेंच

Thu, 07 Mar 2019 03:20 PM IST
खुशबू गोयल अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के बीच गठबंधन की डील लगभग फाइनल हो चुकी है। लेकिन एक सीट पर पेंच फंस गया है। दोनों ही पार्टियों ने आनंदपुर साहिब लोकसभा हलके पर दावा ठोक दिया है। आप और शिअद-टकसाली के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की बात लगभग सिरे चढ़ चुकी है।
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समीकरण के मुताबिक आप पंजाब की दस सीटों और शिअद-टकसाली तीन सीटों पर लड़ेगा। समझौते के तहत शिअद-टकसाली ने खडूर साहिब, आनंदपुर साहिब और फिरोजपुर सीटें मांगी हैं। बाकी दोनों सीटें तो आप देने को तैयार है, लेकिन आनंदपुर साहिब को लेकर असमंजस है। आप ने अब तक पांच उम्मीदवार घोषित किए हैं। जिनमें संगरूर से भगवंत मान, फरीदकोट से प्रो. साधू सिंह, अमृतसर से कुलदीप धालीवाल, होशियारपुर से डॉ. रवजोत सिंह और आनंदपुर साहिब से नरिंदर शेरगिल शामिल हैं। शेरगिल काफी समय से इस हलके में तैयारी कर रहे हैं।

वहीं, विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर सिंह की निगाहें भी आनंदपुर साहिब हलके पर ही लगी हैं। शिअद-टकसाली ज्वाइन करते समय ही उन्होंने पार्टी को यह साफ कर दिया था। इसलिए दोनों ही पार्टियां आनंदपुर साहिब सीट चाहती हैं। इसके चलते अब तक गठबंधन का औपचारिक एलान नहीं हो सका है। सूत्रों के मुताबिक सांसद भगवंत मान शिअद-टकसाली प्रधान रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा से बात कर रहे हैं। जबकि, नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा लगातार सेवा सिंह सेखवां के संपर्क में हैं। आप में एक राय यह भी बन रही है कि अगर गतिरोध खत्म नहीं हुआ तो दोनों दल आनंदपुर साहिब से चुनाव लड़ेंगे। बाकी पंजाब में उनका गठबंधन रहेगा।
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इसी सीट के चलते पीडीए से टूटा था गठबंधन
शिअद-टकसाली केलिए आनंदपुर साहिब सीट इतनी अहम है कि इससे पहले भी वह इसी सीट की वजह से एक गठबंधन तोड़ चुकी है। सबसे पहले टकसाली पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस में शामिल थी। जिसमें सुखपाल खैरा की पंजाबी एकता पार्टी, बैंस ब्रदर्स की लोक इंसाफ पार्टी, बसपा और डॉ. धरमवीर गांधी शामिल थे। वहां भी आनंदपुर साहिब सीट पर पेच फंसा था। जब बात नहीं बनी तो शिअद-टकसाली ने पीडीए से नाता तोड़ कर आप से बातचीत शुरू कर दी थी।
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