BJP अध्यक्ष अमित शाह का हरियाणा दौरा
हरियाणा में लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट बढ़ गई है। सत्ता वापसी के लिए हरियाणा की सभी दस सीटों पर भी जीत भाजपा के लिए काफी अहम हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी चाहते हैं कि दस की दस सीटें जीतकर वह केंद्र की झोली में डालें। इसके लिए टीम मनोहर भी जुट गई है। लेकिन ऐसा तभी संभव हो पाएगा जब सभी सीटों पर ऐसे प्रत्याशी उतारे जाएं, जो जीत का माद्दा रखते हों।
मौजूदा सांसदों के टिकट कटेंगे या नहीं, इस पर तो भाजपा के शीर्ष नेताओं ने अभी चुप्पी साध रखी है। लेकिन यह तय है कि भाजपा का टिकट इस बार उसी प्रत्याशी को मिलेगी, जो भाजपा की ‘फीडबैक परीक्षा’ सकारात्मक ता के साथ पास करेंगे। दरअसल, इस बार भाजपा प्रदेश में हर सीट पर मौजूदा सांसदों का फीडबैक लेने और उस पर अवलोकन करने के बाद ही सिर्फ जिताऊ चेहरों पर ही दांव खेलेगी।
फीडबैक की इस प्रक्रिया के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं की एक अलग टीम गोपनीय रूप से हर सीट पर काम कर रही है और लगभग यह काम पूरा भी हो चुका है। फीडबैक में यह जानकारी जुटाई गई है कि सांसद जनता से कितना जुड़ा है, इलाके की जनता उसे कितना चाहती है, जनता के बीच सांसद का क्या प्रभाव है और क्या इलाके की जनता उसे दोबारा सांसद देखना चाहती है। इसके अलावा भाजपा के सभी सांसद अपनी फिर से दावेदारी के लिए चयन समिति केसमक्ष अपने दावे के साथ रिपोर्ट कार्ड भी सौंपेंगे।
और बेहतर प्रदर्शन चाहती है भाजपा
इस लोकसभा चुनाव में हरियाणा भाजपा अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाना चाहती है। अभी प्रदेश की दस सीटों में से सात सीटें भाजपा के खाते में है। अभी अंबाला से रतनलाल कटारिया, कुरुक्षेत्र से राजकुमार सैनी (अब भाजपा के बागी बने), करनाल से अश्वनी चोपड़ा, सोनीपत से रमेशचंद्र कौशिक, भिवानी-महेंद्रगढ़ से धर्मबीर सिंह, गुरुग्राम से राव इंद्रजीत सिंह और फरीदाबाद से कृष्णपाल गुर्जर सांसद है। शेष तीन सीटों में से दो सीटें इनेलो और एक सीट कांग्रेस ने जीती थी। नगर निगम चुनाव और जींद उपचुनाव जीतने के बाद भाजपा अब दस की दस लोकसभा भी जीतना चाहती है।