लड़कियों के हितों के मद्देनजर पंजाब सरकार ने लोहड़ी के त्योहार को लड़की के जन्मदिन के रूप में हफ्ता भर मनाने का फैसला किया है। सभी डिप्टी कमिश्नरों को जिलों में यह त्योहार मनाने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सभी जिला सामाजिक सुरक्षा अफसरों को स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल करने को कहा गया है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि अनुसूचित जाति से संबंधित लड़कियों को और शक्ति प्रदान करने, उनका शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक स्तर ऊंचा करने को सरकार कई योजनाएं चला रही है। इस संबंध में एक अप्रैल 1997 को शगुन स्कीम शुरू की गई। इसके लिए वित्त वर्ष 2015-16 में 98 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
शगुन स्कीम के तहत लाभपात्रियों को 15000 रुपये दिए जाते हैं, लेकिन उनकी सालाना आमदन 32,790 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। लड़कियों का शैक्षणिक व सामाजिक स्तर ऊंचा उठाने को बेबे नानकी लाडली बेटी कल्याण स्कीम चलाई जा रही है। इसके तहत बीस हजार रुपये की रकम जीवन बीमा निगम में जमा कवराई जाएगी।
स्कीम के तहत लाभपात्री को कंडीशनल कैश ट्रांसफर और पढ़ाई के लिए वजीफा देने का प्रबंध है। अब तक 61000 लाभपात्रियों को इसका लाभ दिया जा चुका है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना एक केंद्रीय प्रायोजित स्कीम है।
इसे दो जिलों अमृतसर और कपूरथला में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। इसका मकसद गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों में पोषक तत्वों के स्तर में सुधार लाना है। इसके तहत लाभपात्रियों को छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।