पंजाब में प्रदूषण के मद्देनजर जहां पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट डीजल ऑटो के लिए नए परमिट जारी करने पर प्रतिबंध लगा चुकी है, वहीं पंजाब सरकार पूरे प्रदेश में ऑटो संचालन संबंधी मैक्सी परमिट जारी कर रही है।
इसी को लुधियाना की ऑटो रिक्शा एसोसिएशन ने चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। जस्टिस राजेश बिंदल की एकल बेंच ने ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी और कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
एसोसिएशन ने एडवोकेट सरदविंदर गोयल केमाध्यम से दायर याचिका में कहा है कि अकेले लुधियाना डीटीओ कार्यालय से 752 ऑटो रिक्शा को समूचे प्रदेश में चलाने को लेकर मैक्सी कैब परमिट जारी कर दिए गए। यह ऑटो लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में धड़ल्ले से चल रहे हैं।
उधर, कोई भी ऑटो कारपोरेशन अथवा निकाय की 10 किलोमीटर परिधि में ही चल सकते हैं। हाईवे पर ऑटो चलने का नियमानुसार सवाल ही पैदा नहीं होता। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अतुल ऑटो कंपनी को कथित तौर पर लाभ पहुंचाने के लिए मैक्सी कैब परमिट जारी किए गए हैं। यह भी डीजल ऑटो हैं, लिहाजा प्रदूषण के मद्देनजर डीजल ऑटो को परमिट जारी करने पर रोक के आदेश का सीधा उल्लंघन हुआ है।
याचिका में बेंच को यह भी बताया गया कि गैर कानूनी परमिट लेकर यह ऑटो हाईवे पर दौड़ रहे हैं। इतना ही नहीं यह लुधियाना, जालंधर और अमृतसर के ऑटो चालकों को भी प्रभावित कर रहे हैं।
मैक्सी कैब परमिट वाले ऑटो चालकों की कोई जांच नहीं हो रही। जिन ऑटो चालकों को मैक्सी कैब परमिट दिया गया, वह ड्राइवर समेत चार सवारी वाले ऑटो हैं। बावजूद इसके मैक्सी कैब परमिट छह सवारी वाला वाहन बताकर हासिल किया गया है।