बता दें कि मोहाली जिले में कुल 105 कोरोना के मरीज थे। जिनमें तीन मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि एक्टिव चल रहे दो मरीज भी गुरुवार को ठीक हो गए हैं। इस दौरान मोहाली जिले में सबसे ज्यादा मरीज डेराबस्सी के गांव जवाहरपुर में आए थे। इसके अलावा फेज-9 और गांव जगतपुरा को भी कंटेनमेंट जोन में रखा था। हालांकि अब तक मोहाली ऑरेंज जोन में था। जबकि यहां रेड लाइन वाली गाइडलाइन का पालन किया जा रहा था।
वहीं, अब मोहाली ग्रीन जोन में आ जाएगा। इसके बाद यहां पर सभी तरह के काम शुरू हो जाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने साफ किया है कि अभी भी कोरोना से बचने के लिए लगातार सभी नियमों का पालन करना बहुत ही जरूरी है। घरों से बाहर निकलने वाले सभी लोगों को मास्क पहनने होंगें और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना होगा। वहीं, दोपहिया वाहन पर केवल एक ही व्यक्ति आ सकता है। जबकि चार पहिया वाहन पर ड्राइवर समेत दो लोग जा सकते हैं।
अभी खत्म नहीं हुआ कोरोना का संकट
भले ही अब जिला मोहाली कोरोना मुक्त हो गया है लेकिन कोरोना का डर खत्म नहीं हुआ है। क्योंकि अब दूसरे राज्य से और विदेश से आने वाले जिन लोगों ने मोहाली में आने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है, उनका आना बाकी है। ऐसे में प्रशासन के अधिकारी इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। जिले में क्वारंटीन केंद्र से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस का खतरा पहले ही तरह बरकरार है। जिले में कर्फ्यू हटने, ढील होने या बीमारी का एक भी केस न होने का मतलब यह न समझा जाए कि जिले में अब बीमारी पूरी तरह से खत्म हो गई है। यदि हमने इस बीमारी में लापरवाही दिखाई तो बीमारी दोबारा हमला कर सकती है।
वहीं, इस महामारी के खात्मे के लिए अब तक की गई सारी मेहनत पर पानी फिर सकता है। बीमारी से बचाव के लिए बाहर निकलते समय मास्क, रूमाल, कपड़े, चुन्नी आदि से मुंह जरूर ढक कर रखें। एक दूसरे से उचित दूरी और हाथ धोने की आदत डालें। इससे ही इस बीमारी से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब सावधानियों को हमें जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
पहले ठीक हुए मरीज अभी होम क्वारंटीन में
कुछ दिन पहले 35 मरीजों के ठीक होने पर उन्हें घर भेज दिया गया था। उन सभी लोगों को घरों में होम क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें रोजाना उनकी सेहत की जांच कर रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह घरों से कम ही निकलें। ज्यादा स्थिति खराब होने के बाद ही अस्पताल जाएं, इससे पहले हेल्पलाइन नंबर-104 पर संपर्क कर सकते हैं।