हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान पुलिस ने 29 लोगों के खिलाफ आठ एफआईआर दर्ज की है। इनमें से यमुनानगर और रेवाड़ी में एक-एक, दो पलवल और चार नूंह में दर्ज हैं। इन लोगों पर आरोप है कि कोरोना फैलाने में अपनी भूमिका निभाई है।
हरियाणा सरकार ने कोरोना के विरुद्ध जंग में हर मोर्चो को संभाला रखा है। पुलिस की नजर जितनी सड़कों पर है उतनी ही पैनी नजर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर टिकी है। प्रदेश में फेक न्यूज और अफवाह फैलाना लोगों को भारी पड़ रहा है । प्रशासन ने इनके खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 113 लोगों के खिलाफ 88 केस दर्ज किए और 53 लोगों को गिरफ्तार किया।
एक माह में शराब तस्करों पर हुई बड़ी कार्रवाई
लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में शराब बिक्री पर रोक है। ऐसे में लोगों ने अवैध रूप से तस्करी करनी शुरू कर दी। पुलिस ने ऐसे तत्वों पर कड़ा एक्शन लेते हुए 1712 लोगों के खिलाफ 1619 एफआईआर दर्ज की। ये सभी लोग शराब तस्करी में लिप्त थे। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से 93176 बोतल शराब, 6819 बोतल बीयर और 115 बोतल कच्ची शराब और 122 लीटर देशी शराब बरामद हुई। 17677 किलो और 23868 लीटर लाहन भी बरामद हुआ है।
हरियाणा में कोरोना के लक्षणों को लेकर लोगों को पूरी जानकारी मुहैया कराई जा रही है। सरकार अस्पताल के बजाय घर पर ही टेलीमेडिसिन के जरिये स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में जुटी है। स्वास्थ्य विभाग हेल्पलाइन के माध्यम से टेलीमेडिसिन परामर्श सेवाएं मुहैया करा रहा है। हेल्पलाइन की स्थापना राज्य में कोरोना के लक्षणों से संबंधित प्रश्नों के समाधान के लिए की गई है।
संभावित मरीजों को डॉक्टरों से परामर्श करने के लिए कहा गया है।
विशेषज्ञ चिकित्सक महत्वपूर्ण कॉल का जवाब देने के साथ समस्या का समाधान भी करेंगे। आम नागरिक टोल फ्री शॉर्ट कोड 1075 या 8558893911 डायल कर कोविड -19 हेल्पलाइन तक पहुंच सकते हैं। टेलीमेडिसिन परामर्श सेवा 2 अप्रैल को शुरू की गई है। इसका उद्देश्य विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों का सहयोग करना है। लगभग 979 विशेषज्ञ चिकित्सकों को टेलीमेडिसिन परामर्श के लिए चुना गया है।