हरियाणा सरकार ने स्कूलों को खोलने के जमीनी स्तर से बड़े स्तर पर फीडबैक जुटाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। जिलों में 45 सदस्यीय समितियां गठित की गई हैं। ये स्कूल खोलने के तौर-तरीकों को लेकर 13 बिंदुओं पर अभिभावकों समेत सभी हितधारकों की राय लेंगी। रायशुमारी कर इन्हें 7 जून तक शिक्षा निदेशालय को रिपोर्ट भेजनी होगी।
सभी डीइओ, डीईईओ को इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं। जिला स्तरीय समिति का अध्यक्ष डीईओ व डीईईओ में से जो भी वरिष्ठ होगा, वह रहेगा। डाइट के प्रधानाचार्य सदस्य होंगे। सरकारी व निजी उच्च व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के पांच-पांच वरिष्ठ प्रिंसिपल, निजी व सरकारी प्राथमिक व मिडिल स्कूलों के 5-5 वरिष्ठ मुखिया, निजी व सरकारी स्कूलों के शिक्षक व अभिभावक संगठनों के 5-5 प्रतिनिधि, मीडिया जगत व माता-पिता एवं अभिभावक संघ के 5-5 सदस्य इसमें शामिल किए गए हैं। ये समितियां अपने-अपने जिलों में यह राय लेंगी कि शारीरिक दूरी कैसे बनाए रखें।
स्वास्थ्य व सैनिटाइजर प्रोटोकॉल कैसे लागू हो। भवनों को विद्यार्थियों अनुकूल किस तरह बनाया जाए। परिवहन सुविधा में कैसे बदलाव हो। मिड-डे मील सिस्टम कैसे बदलें। खाना खाते समय विद्यार्थी किस तरह संपर्क में न आएं। सफाई व सैनिटाइजेशन को कैसे बढ़ाया जाए। विद्यार्थियों को लाने ले जाने की व्यवस्था किस तरह की हो।
संक्रमण रोकने के प्रबंध कैसे करें व शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनिवार्य कोविड टेस्ट किस तरह कराया जाए। दूरवर्ती शिक्षा को ही अगर जारी रखनी हो तो उसकी योजना। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों का समाधान व विद्यार्थियों एवं अभिभावकों की उम्मीदों को कैसे पूरा करेंगे, इसे लेकर जनता के विचार जानेंगी। उनकी राय को मद्देनजर रखकर ही अंतिम निर्णय पर पहुंचा जाएगा।