पीजीआई से गुरुवार सुबह कोरोना संक्रमित 24 और मरीजों को छुट्टी दे दी गई। इनमें से तीन तीन मरीजों को घर जबकि 21 को सूद धर्मशाला स्थित क्वारंटीन सेंटर भेजा गया। घर जानेवाले मरीजों में पीयू के प्रोफेसर की सास और बेटी के साथ पीजीआई की एक स्टाफ नर्स शामिल हैं। पीयू के प्रोफेसर के संक्रमित होने के बाद उसकी 56 वर्षीय सास और 8 साल की बेटी भी कोरोना की चपेट में आ गई थी, जिसके बाद उन्हें 12 अप्रैल को पीजीआई के कोरोना डेडीकेटेड हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था।
वहीं, पीजीआई के निवेदिता हॉस्टल में रहने वाली 27 वर्षीय स्टाफ नर्स के संक्रमित होने के बाद उसे 25 अप्रैल को कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया था। पीजीआई से डिस्चार्ज होते समय मरीजों ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए डॉक्टरों का अभिवादन किया। इस दौरान उन्हें गुलदस्ता और कोरोना के योद्धाओं पर आधारित पोस्टर देकर शुभकामनाएं दी गईं।
इस अवसर पर प्रोफेसर की बेटी ने पीजीआई में इलाज के दौरान डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की मेहनत और प्यार पर आधारित खुद की बनाई पेंटिंग डॉक्टरों को गिफ्ट की, जिसे देखकर सभी ने तालियां बजाकर उसे बधाई दी और उसके लिए स्वस्थ जीवन की कामना की। इनके अलावा चंडीगढ़ के 21 और मोहाली के दो मरीजों को नई गाइडलाइन के अनुसार क्वारंटीन किया गया। चंडीगढ़ के मरीज सूद धर्मशाला भेजे गए जबकि मोहाली के मरीजों को मोहाली स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया।
वहीं शाम को पीजीआई से 21 अन्य मरीजों को कोरोना के लक्षण नहीं मिलने पर डिस्चार्ज किया गया, जिसमें 11 पुरुष व 9 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को डिस्चार्ज कर सेक्टर 22 स्थित सूद धर्मशाला में भेजा गया। इनमें सेक्टर 30, सेक्टर-25, सेक्टर-32, मौलीजागरां, सेक्टर-52, मनीमाजरा, मलोया, बापूधाम के मरीज शामिल हैं।
इन 21 मरीजों को दो सप्ताह के लिए सेक्टर-22 में क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। उस दौरान अगर उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं आए तो फिर उन्हें घर भेजा जाएगा। इन मरीजों को पीजीआई से जाते समय डायरेक्ट डॉ. जगतराम ने बधाई दी और कहा कि डॉक्टरों की सलाह का पूरी तरह पालन करें।
श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल से भी 17 मरीज डिस्चार्ज
वहीं दूसरी तरफ श्री धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर-46 से बुधवार व गुरुवार को 17 कोरोना के मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इन मरीजों को भी दो सप्ताह के लिए सूद धर्मशाला में रखा गया है। इन मरीजों का आयुष की गाइडलाइन के अनुसार तीन टाइम काढ़ा पिलाया गया और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।