पाकिस्तान में रिश्तेदारों को मिलने के लिए गए कुछ परिवारों ने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी वतन वापसी के लिए प्रबंध किए जाएं। पाकिस्तान से भेजे एक वीडियो संदेश में संतोख सिंह निवासी संगरूर ने बताया है कि वह दो महीने से तालाबंदी के कारण पाकिस्तान में फंसे हैं। संतोख सिंह ने बताया कि वह 20 मार्च से पाकिस्तान में है।
लाहौर में अपने रिश्तेदारों के यहां ठहरे हुए है। इसके साथ ही लुधियाना निवासी जोगिंदर सिंह व उनकी पत्नी सुरजीत कौर भी पाकिस्तान के शेखुपुरा के एक डेरे में शरण लिए हुए हैं। वह तीस दिन के वीजा पर आये थे। अब उनके पास न तो पैसे हैं, जो दवा लेकर वह पाकिस्तान आए थे, वह भी खत्म हो चुकी है। बॉर्डर बंद होने के कारण वह अपने देश नहीं आ पा रहे हैं।
उन्होंने इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास को भी इस बारे जानकारी दी थी। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। भारत सरकार बॉर्डर खोले, ताकि वह अपने परिवार से मिल सकें। उनकी मां की उम्र 95 वर्ष की है। वह मां से मिलना चाहते हैं। जोगिंदर सिंह ने संदेश में कहा कि वह 11 मार्च को पाकिस्तान आए थे।
उनकी पत्नी सुरजीत कौर वह शुगर की मरीज हैं। उनके पास दवा के लिए पैसे नहीं है। सरकार उनको अपने देश में पहुंचाने का प्रबंध करे।