जो मजदूर पैदल ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। उन्हें अब विभिन्न जिलों में रोककर तब तक शिविरों में रखा जाएगा, जब तक स्थानीय प्रशासन उनके जाने की उचित व्यवस्था नहीं करवा देता। हरियाणा सरकार ने इस संदर्भ में सभी जिलों के उपायुक्तों को इस संदर्भ में निर्देश जारी कर दिए हैं।
मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने कहा कि लॉकडाउन-4 शुरू हो गया है और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार जिला उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि कोई भी प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों में पैदल न जाए, ऐसे सभी प्रवासी मजदूरों की काउंसलिंग की जाए और राहत शिविरों में रखा जाए, जब तक संबंधित जिला प्रशासन द्वारा उनके गृह राज्यों में जाने की व्यवस्था नहीं की जाती है।
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मुख्य सचिव बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से जिला उपायुक्तों और कोविड -19 के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि अब तक राज्य सरकार द्वारा इन प्रवासी मजदूरों को रखने और इनके खाने-पीने की व्यवस्था करने के लिए की गई पहल की पूरे देश में प्रशंसा हुई है और शेष प्रवासी मजदूरों को भी सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से उनके घर भेजकर इस प्रयास को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विशेष श्रमिक ट्रेनें और बस सेवाएं शुरू की गई हैं। मुख्य सचिव ने नियंत्रण क्षेत्रों (कंटेंनमेंट ज़ोन) की निगरानी के बारे में संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अब कन्टेनमेंट ज़ोन में जोन की डिमार्केशन, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और चिकित्सालय प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाए।