वहीं, देर रात 62 वर्षीय कोरोना संदिग्ध बुजुर्ग की मौत के मामले में भी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। उधर, बीते बुधवार को जीएमएसएच-16 में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई कोरोना संदिग्ध की मौत के मामले में लावारिस युवक की पहचान भी हो गई है। 35 वर्षीय मृतक हल्लोमाजरा का रहने वाला था।
शनिवार को बापूधाम में जिन 21 लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उनमें 40 वर्षीय पुरुष, 23 और 33 वर्षीय युवक, 54 वर्षीय महिला, चार माह की बच्ची, दो साल का बच्चा, 26 वर्षीय युवक, छह साल का बच्चा, 29 वर्षीय महिला, 58 वर्षीय पुरुष, 29 वर्षीय महिला, 35 वर्षीय युवक, 31 वर्षीय महिला, 65 वर्षीय बुजुर्ग, 15 साल की नाबालिग, 42 वर्षीय पुरुष, 29 वर्षीय महिला, छह वर्षीय बच्ची, 36 वर्षीय महिला और 40 वर्षीय पुरुष और 62 वर्षीय बुजुर्ग (मृतक) कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
एक ही परिवार के 8 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव
बापूधाम कॉलोनी में शनिवार को जिन 21 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनमें एक ही परिवार के 8 लोग शामिल हैं। मकान नंबर-64 में रहने वाली 54 वर्षीय महिला, चार महीने की बच्ची, दो साल का बच्चा, 31 वर्षीय महिला, 26 वर्षीय युवक, छह साल की बच्ची, 29 वर्षीय महिला और 58 वर्षीय पुरुष की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कोरोना की चेन से किस कदर फैल रही है, यह इस एक परिवार पता चलता है।
शहर में कोरोना से अब तीन मौतें
शहर में कोरोना वायरस से शनिवार को तीसरी मौत दर्ज की गई। जिस 35 वर्षीय युवक की बीते 6 मई को गवर्नमेंट मल्टी स्पेशयिल्टी हॉस्पिटल (जीएमएसएच-16) में कोरोना से मौत हो गई थी। उस युवक की पहचान हल्लोमाजरा निवासी युवक के रूप में हुई है। वहीं, शनिवार को ही बापूधाम के एक 62 वर्षीय कोरोना के संदिग्ध की जीएमसीएच-32 में मौत हो गई, जिसकी रिपोर्ट देर रात पॉजिटिव आई।
इसके साथ ही शहर में कोरोना से मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है। इससे पहले सेक्टर-18 में 83 साल की बुजुर्ग की कोरोना से पंचकूला के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में मौत हो गई थी। इनके अलावा बापूधाम के एक 45 साल के संदिग्ध मरीज की दो दिन पहले जीएमएसएच में मौत हो चुकी है। उसकी रिपोर्ट अभी पेंडिंग है।
पीजीआई में भर्ती कोरोना के तीन मरीजों को शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। इनमें सेक्टर 30 की एक 18 माह की बच्ची के साथ 52 साल की महिला और उसका 25 साल का बेटा शामिल है। इन तीनों मरीजों का रिपीट टेस्ट दो बार निगेटिव आने के बाद इन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई है। पीजीआई डायरेक्टर डॉ. जगतराम ने अस्पताल से घर जाते समय तीनों मरीजों को पौधा और कोरोना के योद्धाओं पर बनाए गए पोस्टर देकर भेजा।
घर जाते वक्त 18 माह की बच्ची ने जब सभी को फ्लाइंग किस दी तो लोग भावुक हो गए। सभी ने मुस्कुराकर और हाथ हिलाकर उसे प्यार दिया।शनिवार को डिस्चार्ज होने वाले तीनों मरीज सेक्टर 30 निवासी हैं। इसमें 52 साल की महिला और उसका 25 साल का बेटा एक ही परिवार के हैं, जबकि 18 माह की बच्ची दूसरे परिवार से है।
महिला और उसके बेटे के साथ ही उसके पति को भी के संक्रमण के बाद पीजीआई में भर्ती किया गया था लेकिन वह कुछ दिन पहले ही ठीक होकर घर जा चुके हैं। 18 माह की बच्ची का कोई यात्रा इतिहास नहीं है। कोरोना की चेन से संक्रमण को देखा जाए तो ये सभी एक ही सेक्टर के निवासी हैं। 18 माह की बच्ची के साथ उसकी मां ने भी 21 दिन पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल में गुजारे हैं लेकिन उसे मरीजों के बीच रहकर भी कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ।