हरियाणा रोडवेज के पलवल डिपो के चालक की उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। चालक परिवहन निदेशालय के निर्देशों पर मजदूरों को दिल्ली के आनंद विहार बस स्टैंड से घर छोड़ने गया था।
इसी दौरान बाराबंकी में रास्ता पूछने पर पुलिसकर्मियों ने चालक खुर्शीद अहमद की पिटाई कर दी। रोडवेज कर्मचारी खफा हैं। अब इस मामले में ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन भी कूद पड़ी है। फेडरेशन ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर खुर्शीद की पिटाई करने वाले लखनऊ पुलिस के कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
फेडरेशन के महासचिव केके दिवाकरन ने शाह को लिखे पत्र में कहा है कि पलवल डिपो की बस एचआर-38-0501 पर तैनात खुर्शीद अहमद को उत्तर प्रदेश पुलिस की पिटाई में गंभीर चोटें आई हैं। कोरोना से निपटने में रोडवेज कर्मी जी जान से जुटे हैं, इस तरह की घटनाओं से उनका मनोबल टूटेगा।
मामले की जांच कराकर पुलिस कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करें। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, महासचिव बलवान सिंह दोदवा, वरिष्ठ उप प्रधान सुरेश लाठर, उप महासचिव मायाराम उनियाल व कैशियर विनोद शर्मा ने कहा कि खुर्शीद से गोरखपुर जाते समय मारपीट की घटना निंदनीय है।
मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। परिवहन विभाग इसका कड़ा संज्ञान ले। विभाग ने पहले तो उत्तर प्रदेश सरकार के एक हजार बसें मांगने पर 1009 बसें भेज दीं, लेकिन चालक की सुरक्षा, खाने-पीने व ठहरने का कोई इंतजाम नहीं किया। न तो तेल बसों में डलवाया न 1000 रुपये दिए। वापस लौटने पर स्टाफ का सरकार ने कोई मेडिकल चेकअप भी नहीं करवाया।