चंडीगढ़ के पूर्व मेयर देवेश मोदगिल ने प्रशासक बदनौर को ट्वीट करके शिकायत की है और उनसे सवाल पूछा है कि वे खामोश क्यों हैं? दरअसल कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सभी पार्षद अपने स्तर पर अपने वार्ड को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
एडवाइजर मनोज परिदा ने भी सभी पार्षदों से अपील की थी कि वह अपने सेक्टरों को सील कर दें। इस पर शहर के पूर्व मेयर और पार्षद देवेश मोदगिल ने एक व्यवस्था बनाई तो उनके वॉलंटियर्स को पुलिस की तरफ से पीटा गया। इसको लेकर उन्होंने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से भी शिकायत की है।
पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की एक पोस्ट पर वीरवार रात 10:14 बजे रिप्लाई करते हुए शहर के पूर्व मेयर और पार्षद देवेश मोदगिल ने लिखा कि उन्होंने अपने वार्ड के लोगों को बचाने के लिए एक रास्ते की व्यवस्था की थी, जिस पर कुछ वॉलंटियर्स को खड़ा किया गया था। पुलिस की तरफ से वीरवार को उनके साथ बदतमीजी की गई।
पुलिसकर्मियों ने उन्हें गाली दी और अभद्र टिप्पणी की। उन्होंने अपने ट्वीट में एएसआई कावल सिंह का नाम भी लिखा है। देवेश मोदगिल ने लिखा कि उन्हें जवाब चाहिए, यह गुंडाराज है। उन्होंने प्रशासक से पूछा कि वह खामोश क्यों हैं। देवेश मोदगिल ने का कहना है कि उनके ट्वीट करने के बाद अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।