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किसान आंदोलन के बीच हरियाणा में निकाय चुनाव भाजपा की अग्निपरीक्षा, सीएम आज से करेंगे प्रचार

Sun, 20 Dec 2020 03:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा प्रवीण पाण्डेय, चंडीगढ़
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मनोहर लाल खट्टर - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा में किसान आंदोलन के बीच निकाय चुनाव का आगाज भाजपा के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ लगते वार्डों में किसान आंदोलन की तपिश को देखते हुए पार्टी ने ताकत झोंक दी है। पूर्व मंत्रियों से लेकर विधायकों तक की वार्ड वार ड्यूटियां लगा दी गई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ रविवार से चुनाव प्रचार में कूदेंगे। निकाय चुनाव के दौरान भाजपा दोनों नेताओं को स्टार प्रचारक के तौर पर देख रही है।

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किसान आंदोलन को हथियार बनाकर कांग्रेस मैदान में कूद गई है। बरोदा उपचुनाव की जीत के बाद कांग्रेस का बढ़ा हौसला देख भाजपा को भी ग्रामीण क्षेत्रों में रणनीति बदलनी पड़ रही है। सोनीपत और रेवाड़ी ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े क्षेत्र हैं। जबकि अंबाला में पांच से छह वार्ड ग्रामीण क्षेत्र के हैं। इसी तरह पंचकूला नगर निगम में भी चार से पांच वार्ड ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े हैं। लिहाजा सोनीपत सीट पर पार्टी का सबसे ज्यादा जोर है, क्योंकि किसान आंदोलन में सबसे अधिक लोग यहीं से शामिल हैं।

उधर, मुख्यमंत्री की सभाओं को लेकर प्रशासन ने मुस्तैदी बना ली है। खुफिया तंत्र के इनपुट को देखते हुए सीएम की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रहेगी। चुनावी सभाओं में किसी तरह का खलल न पड़े, इसकी तैयारी प्रशासन और पुलिस ने कर ली है। सोमवार को मुख्यमंत्री सोनीपत और उसके बाद अंबाला का दौरा होगा।
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मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे
मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को दिल्ली से रवाना होकर सीधे रेवाड़ी से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। रेवाड़ी, धारुहेड़ा और नारनौल के चुनाव प्रचार के दौरान में कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और चाय पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा नारनौल में आयोजित किसान रैली में भी शिरकत करेंगे।

जातिगत समीकरण के हिसाब से विधायकों की ड्यूटी
पूर्व मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के अलावा बीजेपी ने विधायकों की अलग से ड्यूटी लगाई है। वार्ड के हिसाब से जातिगत समीकरण देखते हुए विधायकों को निकाय चुनाव में वोट मांगने के लिए लगाया है। पंजाबी, बनिया, ब्राह्मण और जाट बाहुल्य क्षेत्रों में जातिगत समीकरण के हिसाब से विधायकों की ड्यूटी लगी है।

कांग्रेस के लिए करो या मरो की स्थिति
बरोदा उपचुनाव को देखते हुए कांग्रेस इस समय उत्साहित है। प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने निकाय चुनाव को देखते हुए रणनीति बनाकर जिलेवार नेताओं की ड्यूटी लगाई है। कांग्रेस इस चुनाव में करो या मरो की स्थिति में है। सैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए भी यह चुनाव किसी विधानसभा चुनाव से कम नहीं है।

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