प्रदेश के किसानों के खेती कर्ज के निपटारे को बिल पंजाब विधानसभा सदन में सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। खेतीबाड़ी मंत्री तोता सिंह ने बिल पेश किया। बहस के दौरान सत्ताधारी और विपक्षियों ने अपने सुझाव दिए। इसके बाद बिल सर्वसम्मति से पास कर दिया गया।
द पंजाब सेटलमेंट ऑफ एग्रीकल्चरल इनडेटनेस बिल-16 पर बहस की शुरुआत सीएलपी लीडर चरणजीत सिंह चन्नी ने की। उन्होंने कहा कि किसान मंदहाली का शिकार हैं, आत्महत्याएं कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार किसानों का कर्ज माफ करने का उपाय करने को बिल लाएगी, लेकिन इस बिल में ऐसा कुछ नहीं है।
हर आढ़ती अपने तरीके से ब्याज वसूल रहा है। ब्याज का रेट तय किया जाए और केंद्र से बात कर किसानों का कर्ज एकमुश्त माफ कराया जाए। सोम प्रकाश ने आशंका जताई कि बिल आने के बाद आढ़तियों ने पैसे देने ही बंद कर दिए तो किसानों का क्या होगा। तोता सिंह ने कहा कि ब्याज दर सरकार समय-समय पर रिव्यू करेगी। सुनील जाखड़ बोले कि पिछले साल भी सरकार ऐसी स्कीम लाई थी कि मूलधन का दोगुना देकर कर्ज सेटल कर लो, पर स्कीम नहीं चली। किसानों की आत्महत्याएं रोकने को सरकार क्या कर रही है। फसली विभिन्नता के लिए मक्की पर जोर दिया, लेकिन केंद्र ने इंडस्ट्री केकहने पर मक्की पर 40 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी, मक्की केरेट 400 रुपये प्रति क्विंटल गिर गए।
फूड सप्लाई मंत्री आदेश प्रताप कैरों ने बिल को लेकर स्पष्टीकरण दिया कि इसमें तीन महीने में विवाद केनिपटारे का प्रावधान है। कोई भी पक्ष ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता है। पंजाब फिजियोथेरेपी काउंसिल बिल पर कुछ सदस्यों ने एतराज जताया। उनका कहना था कि इससे पुश्तैनी रूप से इस काम में लगे लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उनका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
जिसके बाद इस बिल को वापस ले लिया गया। सदन में द पंजाब स्टेट कमीशन फॉर वुमेन (संशोधन) बिल, द पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर (डेवलपमेट एंड रेगुलेशन) (संशोधन) बिल, द पंजाब स्टेट कमीशन फॉर माइनॉरिटीज (संशोधन) बिल, द पंजाब बोवाइन ब्रीडिंग बिल, द पंजाब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (संशोधन) बिल, द पंजाब एक्साइज (संशोधन) बिल, द इंडियन स्टाम्प (पंजाब दूसरा संशोधन) बिल और द पंजाब पैकेज डील प्रॉपर्टीज (डिस्पोजल) संशोधन बिल पास किए गए।
सदन में उठी लावारिस पशुओं की समस्या
पंजाब गो-सेवा कमीशन (संशोधन) बिल पर बहस के दौरान कई सदस्यों ने लावारिस पशुओं की समस्या उठाई। बलबीर सिद्धू ने कहा कि हाल ही में राजपुरा में एक सांड ने वकील को मार दिया, एक व्यक्ति को गंभीर जख्मी कर दिया। कुलजीत नागरा ने कहा कि पशुओं को पकड़ने के लिए पहले दूर से मारा जाने वाला इंजेक्शन लगाना चाहिए।
अनिल जोशी ने कहा कि जब गाय दुधारू नहीं रहती तो लोग सड़कों पर छोड़ देते हैं। ऐसी गायों को गोशाला में रख कर उनके मालिकों से पैसे लिए जाने चाहिए। डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि रोपड़ में एक डेयरी फार्मर सारे गांव को गोबर गैस मुफ्त मुहैया करवा रहा है। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने स्पष्ट किया कि हर जिले में 25-100 एकड़ में गोशाला बनवाई जा रही हैं। छह महीने बाद करीब एक लाख पशुओं को इनमें शिफ्ट कर दिया जाएगा। इनकी निगरानी डीसी की अगुवाई में कमेटी करेगी। इसकेबाद बिल पास कर दिया गया।
एडेड कॉलेजों के बिल पर मित्तल ने दी सफाई
पंजाब प्राइवेटली मैनेज्ड एडेड कॉलेजेज (नॉन पेमेंट ऑफ ग्रांट इन एड ऑन अकाउंट ऑफ टर्मिनल बेनेफिट्स) बिल पर कई सदस्यों में असमंजस था। सीएलपी लीडर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि कॉलेजों में पद भरे जाएं और यह बिल वापस लिया जाए।
जस्टिस निर्मल सिंह बोले कि निजी कॉलेज खोले जा रहे हैं, इन कॉलेजों को साजिशन बंद किया जा रहा है। यह बिल वापस लो। तकनीकी शिक्षामंत्री मदन मोहन मित्तल ने सफाई दी कि सरकार निजी कॉलेजों की ग्रांट-इन-एड में कोई कटौती नहीं करने जा रही। उन्हें तीन साल में सारे पद भरने को कहा गया है। सिर्फ टर्मिनल बेनेफिट देने से मना कर रही है क्योंकि यह कॉलेज प्रबंधकों की ओर से दिए जाने हैं, जिसकेबाद बिल पास कर दिया गया।
ईओ को नहीं दी जाएगी सारी पॉवर
सदन ने पंजाब म्यूनिसिपल (एमेंडमेंट) बिल संशोधन केसाथ पास किया। चरणजीत सिंह चन्नी ने सरकार ने काउंसिलों के ईओ को निर्देश दिए हैं कि सरकारी प्रॉपर्टी बेच कर या गिरवी रखकर विकास करवाएं, क्योंकि चुनावी साल है। इकबाल सिंह झूंदा ने कहा कि बिल में सारी पॉवर ईओ को दी गई है, जोकि निर्वाचित प्रतिनिधियों के पास होनी चाहिए।
सुनील जाखड़ ने भी इसका समर्थन किया। बलबीर सिद्धू ने कहा कि पुडा आदि के जरिए प्रॉपर्टी बेच कर पैसे डाइवर्ट किए जा रहे हैं। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने जवाब दिया कि सभी विकास अथॉरिटी प्रॉपर्टी बेचकर आगे नई प्रॉपर्टी लेती हैं, इसी तरह बुनियादी विकास होता है। अंत में निकायमंत्री अनिल जोशी ने सदस्यों की आपत्ति पर संशोधित बिल पेश किया, जिसमें ईओ को सारी पॉवर देने केबजाय काउंसिल द्वारा पास प्रस्ताव को तरजीह दी जाएगी।
अमृतसर वाल्ड सिटी के निर्माण होंगे रेगुलर
सदन ने द अमृतसर वाल्ड सिटी (उपयोग को मान्यता) बिल को मंजूरी दी। इस पर बोलते हुए मनोरंजन कालिया ने कहा कि अमृतसर वाल्ड सिटी में कॉमर्शियल निर्माण को रेगुलर किया जा रहा है। जबकि, वाल्ड सिटी के बाहर पूरी पेनाल्टी लगेगी। इस तरह गलत करने वालों को फायदा दिया जा रहा है।
पंजाब के सारे पुराने शहरों में ऐसे वॉयलेशन हैं। या तो यह बिल विदड्रॉ किया जाए, या पूरे पंजाब को इसका फायदा दिया जाए। अश्वनी सेखड़ी ने कहा कि यह बिल गुरु नगरी के लोगों के हित में है, इसे पास किया जाना चाहिए। सोम प्रकाश ने भी उनका समर्थन किया।