प्रशासन और नगर निगम के किसी भी सरकारी कार्यालय के टायलेट को बेस्ट अवॉर्ड नहीं मिला है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रशासन और नगर निगम की टीम की ओर से शहर के 227 सरकारी इमारतों के टायलेट का सर्वे कराया गया। सर्वे के बाद मंगलवार को टॉप-1 और 2 के परिणाम की घोषणा की गई। प्रतियोगिता काफी कड़ी रही है।
सर्वे में प्रशासन और नगर निगम का कार्यालय टॉप-1 में जगह बनाने में नाकाम रहा। पहले 4 नंबर पर जो सरकारी कार्यालय आए हैं। उनमें सेक्टर-1 स्थित पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, पंजाब और हरियाणा विधानसभा हाल की इमारत, सेक्टर-17 के आयकर भवन और सेक्टर-17 की पुरानी जिला अदालत के कांप्लेक्स शामिल हैं। जबकि दूसरे स्थान पर पंजाब व हरियाणा सिविल सचिवालय की इमारत रही है। सर्वे के बाद ये परिणाम शहरी विकास मंत्रलाय के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत चिह्नित किए गए हैं।
निगम के शौचालयों की खस्ता हालत
सर्वे करने वाली टीम में प्रशासन और नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी शामिल थे। सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि सेक्टर-17 स्थित नगर निगम की अपनी इमारत के टायलेट काफी खस्ता हालत में हैं। जिसकी सफाई का स्टैंडर्ड भी अच्छा नहीं है।
किन किन चीजों को परखा गया
कितने यूरिनल स्टैंड्स हैं और उनमें कितने काम कर रहे हैं।
कितनी टायलेट की सीट हैं और उन सीटों में कितनों के टैप चल रहे हैं
कितने टायलेट की फ्लशिंग व्यवस्था ठीक है
कितने टायलेट हाइजेनिक स्थिति में चल रहे हैं
हाथ धोने के लिए कितने हैंड वॉश बेसन हैं और उनमें कितने चल रहे हैं
कितनों में अनचाहे कमेंट और सामग्री लगी है
इमारतों के परिसर में सूखे और गीले के लिए कितने डस्टबिन हैं।