पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को पुलिस विभाग को सूबे में शराब की तस्करी, अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश देने के साथ ही डीजीपी से कहा है कि उन सब-डिवीजनों के डीएसपी और एसएचओ के विरुद्ध तुरंत एक्शन लें, जिनके इलाके में ऐसी गतिविधियां सामने आई हैं।
कैप्टन ने कहा कि इसमें शामिल कर्मचारियों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के आदेश पर डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सभी पुलिस कमिश्नरों और जिला पुलिस प्रमुखों को 23 मई तक जिला और पुलिस थाना स्तर पर शराब तस्करों की पहचान करने के लिए जरूरी हिदायतें जारी कर दी हैं। आपदा प्रबंधन एवं महामारी अधिनियम की धाराओं समेत अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
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असफल रहे तो तबादला और विभागीय कार्रवाई: डीजीपी
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस कमिश्नरों और जिला पुलिस प्रमुखों को सभी थानों खासकर सरहदों के नजदीकी क्षेत्रों के थानों के एसएचओ को हर समय चौकस रहने और पंजाब के अंदर शराब की तस्करी को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। पंजाब पुलिस प्रमुख ने यह चेतावनी भी दी कि इस उद्देश्य में असफल होने की सूरत में संबंधित थाना प्रमुख का अन्य जगह तबादला किया जाएगा और विभागीय कार्रवाई होगी।
'दोबारा एसएचओ की कुर्सी नहीं मिल सकेगी'
डीजीपी ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में शराब की कोई भी गैर-कानूनी फैक्ट्री चलती पाई गई, जैसा कि हाल ही में खन्ना और राजपुरा में हुआ तो संबंधित अधिकारी का अन्य क्षेत्र में तबादला करके कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा ऐसा अधिकारी भविष्य में एसएचओ बनने और सार्वजनिक डीलिंग की नियुक्ति के लिए अयोग्य होगा।