खरखौदा बाईपास पर गोदाम में रखी पुलिस की जब्त की गई शराब की तस्करी का मामला खुलने के बाद अब इसकी जांच पंजाब तक की जाएगी। एसईटी शराब तस्करी के मामले के पूरी तरह खुलासे के लिए पंजाब पुलिस की भी मदद लेगी। इसके लिए पंजाब पुलिस से संपर्क किया गया। इस मामले में पुलिस कर्मियों व तस्करों समेत 18 लोगों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है और कई अन्य नाम संदेह के घेरे में है। भूपेंद्र से पूछताछ के बाद अब बर्खास्त इंस्पेक्टर जसबीर की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े नाम सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस अभी तक जसबीर को गिरफ्तार नहीं पाई है। सोनीपत पुलिस ने पंजाब के राजपुरा स्थित एनवी शराब कंपनी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भी भेज दिया है। खरखौदा से शराब की तस्करी कई राज्यों तक किए जाने का खुलासा हुआ था। अंतरराज्यीय शराब तस्कर भूपेंद्र ने एसईटी की पूछताछ में बताया था कि वह शराब पंजाब से लेकर आता था। शराब फैक्टरी से मानकों को ताक पर रखकर शराब उसे दे दी जाती थी। पंजाब से तस्करी की शराब भूपेंद्र के ट्रकों में प्याज व अन्य सामान के नीचे रखकर खरखौदा लाई जाती थी।
अब इस मामले में जांच का दायरा एसईटी ने बढ़ा दिया है। इसमें भूपेंद्र के शराब के मनमाने ब्रांड तैयार करने और कई राज्यों की शराब तैयार करने की जानकारी जांच टीम को मिल चुकी है। अब एसईटी की जांच शराब फैक्टरी से तस्करी के लिए शराब बाहर निकालने पर केंद्रित हो गई है। खरखौदा से शुरू हुई जांच का दायरा पंजाब तक पहुंच गया है। इसमें पुलिस हर पहलु पर जांच कर रही है। इसके लिए एसईटी पंजाब पुलिस भी संपर्क में हैं। एसईटी शराब तस्करों के आपसी गठजोड़ का भी पर्दाफाश करेगी।
जरूरत पड़ने पर पंजाब पुलिस की भी मदद ली जाएगी। उसके साथ ही तस्करों को काबू कर उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। एसईटी डीएसपी जितेंद्र कुमार का कहना है कि तस्करी के लिए शराब की व्यवस्था पंजाब डिस्टलरी से की जाती थी, जिसे लेकर उनकी टीम ने पंजाब पुलिस से संपर्क किया है। जरूरत पड़ने पर पंजाब पुलिस की भी मदद लेंगे। जिससे वहां कार्रवाई की जा सके और आगे वहां से यहां शराब की तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके।