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चंडीगढ़ के सेक्टर 25 में ही बनेगा मृत जानवरों का निस्तारण प्लांट, बैठक में लिए गए अहम फैसले

Sat, 30 May 2020 01:32 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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Dumping Ground
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डड्डूमाजरा के लोगों का सेक्टर 25 में मृत जानवरों के निस्तारण का प्लांट लगाने का विरोध आखिरकार काम नहीं आया। निगम की ओर से प्रस्तावित इंडस्ट्रियल एरिया में प्लांट लगाने की योजना का शुक्रवार को सदन की बैठक में पार्षदों ने विरोध कर दिया। इसके बाद निर्णय लिया गया कि प्लांट सेक्टर 25 में ही लगेगा। इस दौरान न क्षेत्रीय पार्षद फर्मिला देवी मौजूद थीं और न पूर्व मेयर राजेश कालिया मौजूद रहे।
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डंपिंग ग्राउंड से परेशान डड्डूमाजरा केलोगों ने जैसे ही सुना कि जेपी प्लांट के साथ ही मृत जानवरों का निस्तारण प्लांट लग रहा है, विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने क्षेत्रीय पार्षद से लेकर सांसद, प्रशासक, एडवाइजर व पीएमओ तक चिट्ठी लिख दी। निगम ने इसके लिए दूसरा विकल्प खोजा और इंडस्ट्रियल एरिया में प्लांट लगाने की योजना बनाई। चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया ने ने भी इसमें सहमति जता दी। निगम यह एजेंडा सदन में लेकर आया।

वहां पार्षद अनिल दुबे, जगतार सिंह जग्गा, सत्यप्रकाश अग्रवाल व शक्ति प्रकाश देवशाली ने इसका विरोध किया। कहा कि सेक्टर 25 शहर का बाहरी हिस्सा है। इंडस्ट्रियल एरिया के आसपास काफी आबादी है। कमिश्नर केके यादव ने कहा कि एजेंडा आगे बढ़ाने पर एनजीटी की ओर से जुर्माना भी लग सकता है, इसलिए निर्णय लेना जरूरी है। आखिरकार अंत में तय हुआ कि प्लांट सेक्टर 25 में ही बनाया जाएगा।
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61 जर्जर सड़कों की मरम्मत का कार्य बारिश के बाद

शहर की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। जर्जर सड़कों से गुजरना जैसे लोगों के लिए दुश्वार हो गया है। निगम को इसकेलिए प्रशासन से दो किस्तों में 15 करोड़ व 63 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। चूंकि अब तक सड़कों का काम खत्म हो जाना था। निगम ने टेंडर कॉल तो कर दिया, लेकिन कोरोना महामारी के कारण टेंडर आवंटित नहीं कर सके। अब टेंडर लगाने में निगम को लगभग एक माह लग जाएगा। तब तक बारिश का समय आ जाएगा।

इसलिए बड़ी सड़कों की मरम्मत का कार्य बारिश के बाद ही शुरू होगा। ज्ञात हो कि निगम ने 50 लाख रुपये में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर (एनआईटीटीटीआर) के साथ अनुबंध किया है, जिसमें सड़क में उपयोग होने वाले मैटेरियल व अन्य सामग्री के बारे में एनआईटीटीटीआर बताएगा। इससे सड़कों का नक्शा भी तैयार होगा और उनकी मजबूती भी बढ़ेगी।

वर्ष 2019-20 की 61 सबसे ज्यादा खस्ताहाल सड़कें
वर्ष 2019-20 की 61 सबसे ज्यादा खस्ताहाल सड़कें हैं। इनके लिए निगम प्राथमिकता पर 55 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसकेअलावा वर्ष 2017-2018 व 2018-2019 की 150 सड़कें और वर्ष 2019-2020 व 2020-2021 की 44 सड़कों का निर्माण कार्य निगम को करना है। इसके लिए निगम ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर से अनुबंध किया है। सेंटर की रिपोर्ट के आधार पर निगम शहर की सड़कों को बेहतर बनाने का दावा कर रहा है।
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13 गांवों के विकास कार्य का भी बढ़ेगा खर्च

निगम ने 13 गांवों केविकाय कार्य के लिए 102 करोड़ का बजट बनाया है। इसमें लाल डोरे के अंदर के घरों केसाथ ही भविष्य में लाल डोरे के बाहर के घरों को निगम में शामिल करने की योजना है। इसमें गांव में सीवर, पेयजल, सड़क व अन्य मूलभूत सुविधाओं को रखा गया है। पार्षद अरुण सूद व अनिल दुबे ने कहा कि मौली गांव को भी इसमें शामिल करना चाहिए।

मौली गांव को मिलाकर निगम का खर्च 1069.98 लाख रुपये हो गया है। निगम अब पूरा बजट रिवाइज करेगा। चूंकि मनीमाजरा अब सेक्टर 13 बन गया है, इसलिए निगम इसके लिए अलग से 258 लाख का एजेंडा लेकर आया था। अब मनीमाजरा के कुछ हिस्सों में स्मार्ट सिटी व कुछ में निगम की ओर से विकास कार्य होंगे।

सेक्टर 48 मार्केट के बूथ में बढ़ेंगी सुविधाएं
निगम की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई थी। इसमें 15 एजेंडे व एक टेबल एजेंडा आया। सभी एजेंडों को पास कर दिया गया। सेक्टर 48 में खाली पड़े बूथ के लिए बैठक में तय हुआ कि वहां पेयजल व शौचालय की व्यवस्था बढ़ाएंगे। उसके बाद अगस्त में ऑक्शन करेंगे। तब भी किसी ने बूथ नहीं लिए तो फिर दाम घटाएंगे।

इसके अलावा कमिश्नर ने डार्क स्पॉट केलिए ईएसएल को 15 जुलाई तक काम खत्म करने को कहा है। साथ लाइटों का टेंडर खुद ही लगाने को कहा। इंडस्ट्रियल एरिया में बने 5 टीडीपी प्लांट केमेंटीनेंस व अनुबंध की तिथि के लिए भी सदन ने सहमति दे दी। कोविड-19 के दौरान किए गए खर्च पर कांग्रेस पार्षद थोड़ा असुंतुष्ट दिखे, लेकिन अंत में इस एजेंडे को पास कर दिया गया।

पब्लिक बाइक शेयरिंग के लिए भी सदन ने कंपनी को इंडस्ट्रियल एरिया में जगह देने पर सहमति जताई। इंटीग्रेटेड सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर के लिए बिछने वाली ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए भी कोई शुल्क न लेने का एजेंडा पास किया गया। वेंडरों की लाइसेंस फीस माफ करने व ट्रैक्टर ट्रॉली किराए पर लेने वाला एजेंडा भी पास कर दिया गया।
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