पंजाब में जहरीली शराब के कारण हुई मौतों की संख्या बढ़कर 86 हो गई है। पंजाब पुलिस ने शनिवार को प्रभावित तीन जिलों अमृतसर ग्रामीण, गुरदासपुर और तरनतारन में 100 से अधिक जगह छापेमारी करते हुए 17 और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही कई अन्य स्थानों, राजपुरा और शंभू बार्डर के नजदीक भी छापेमारी की गई। इस केस में गिरफ्तारियों की कुल संख्या 25 हो गई है।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार किए लोगों में माफिया मास्टर माइंड, एक महिला सरगना, एक ट्रांसपोर्ट मालिक, एक वांछित अपराधी और अलग-अलग ढाबों के मालिक / मैनेजर, जहां अवैध शराब की सप्लाई की जा रही थी, शामिल हैं। छापेमारी करने वाली टीमों ने शंभू बार्डर, राजपुरा और पटियाला के आसपास के क्षेत्र में अलग-अलग गांवों और ढाबों से बड़ी मात्रा में लाहन बरामद की है। उन्होंने बताया कि छापेमारी ने कई जिलों में फैली अवैध शराब के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।
पटियाला जिला के शंभू, राजपुरा और बनूड़ के ढाबों, जिनमें झिलमिल ढाबा, ग्रीन ढाबा, छिन्दा ढाबा शामिल हैं को सील किया गया है। गांव बघौरा से 750 लीटर लाहन बरामद की गई, जहां से दो व्यक्तियों, सतनाम और रेशम को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति जिसकी पहचान लखविन्दर के तौर पर हुई है, भी दोषियों में शामिल है। सरगना दर्शन रानी उर्फ फौजन को बटाला पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
जबकि एक अन्य अहम दोषी बीरी, जो गांव दियो थाना सदर तरनतारन से संबंधित है, को भी नशीले पदार्थों की सप्लाई करने के दोष में गिरफ्तार किया गया है। इसी दौरान गुरपाल सिंह पुत्र बूटा सिंह निवासी गांव धोतियां थाना सरहाली जिला तरन तारन, जिसे फिल्लौर में शराब की तस्करी के आरोप में 9 जुलाई, 2020 को गिरफ्तार किया गया था, को इस तस्करी में शामिल अन्य व्यक्ति की पहचान के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया जा रहा है। उसे थाना फिल्लौर पुलिस क्षेत्र में 4000 लीटर केमिकल / स्प्रिट के साथ गिरफ्तार किया गया था।