हरियाणा के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच विजिलेंस को दी जा सकती है। इसके पहले ही खींचतान शुरू हो गई है। आईएएस लॉबी जहां शेखर विद्यार्थी के पक्ष में है। वहीं उपमुख्यमंत्री भी विद्यार्थी को शराब घोटाले की आंच से दूर रखने पर अड़े हैं। अब मंथन तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा की जांच को लेकर चल रहा है।
जांच से पहले ही गोदारा ने सीएमओ में अपनी सफाई पेश कर दी है। सूत्रों के मुताबिक रविवार रात साढ़े नौ बजे के करीब प्रतीक्षा गोदारा ने अपनी दलील सीएमओ के अधिकारियों के समक्ष रखी और खुद को इस मामले से अलग बताया। आईएएस लाबी के कुछ अधिकारी शेखर विद्यार्थी के पक्ष में आ गए हैं।
मुख्यमंत्री को भी कुछ अधिकारियों ने इस विषय में ब्रीफ किया है कि शेखर की कार्यप्रणाली इस तरह की नहीं है। उनके पुराने ट्रैक रिकार्ड का भी हवाला दिया गया है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला इस पूरे मामले में शुरू से शेखर विद्यार्थी के पक्ष में खड़े हैं। वे स्वयं भी इस जांच की आंच से शेखर विद्यार्थी को अलग रखना चाहते हैं।
ऐसे में प्रतीक्षा गोदारा को विजिलेंस के कठिन सवालों का सामना करना पड़ सकता है। उन्हें यह बताना होगा कि किन परिस्थितियों में आरोपी भूपेंद्र को गनमैन दिए गए हैं।