कोरोना संक्रमण से हुए राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए यूटी प्रशासन ने शराब को महंगा करने का निर्णय लिया है। यूटी प्रशासन ने वीरवार से सभी प्रकार की शराब की रिटेल बिक्री पर पांच प्रतिशत कोविड सेस लगाने की घोषणा की है।
एडवाइजर मनोज परिदा ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। शराब पर लगाया जाने वाला सेस एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट की ओर से लिया जाएगा, जिसको नगर निगम में जमा कराया जाएगा। यूटी प्रशासक की तरफ से चंडीगढ़ में लागू पंजाब म्युनसिपल एक्ट 1976 के तहत यह सेस लगाने का फैसला लिया गया है।
प्रशासन के स्थानीय निकाय सचिव अरुण कुमार गुप्ता की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि नगर निगम इसे कोविड सेस फंड नाम से अलग डेडिकेटेड अकाउंट में रखेगा। जब तक केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस संबंध में निर्देश नहीं मिलते तब तक इस फंड को प्रयोग नहीं किया जाएगा।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। आगामी 31 दिसंबर 2020 तक प्रभाव में रहेंगे। इसके अलावा प्रशासन इंडियन मेड फॉरेन लिकर पर हाई एंड ब्रेंड्स को छोड़कर एक्साइज ड्यूटी करीब 12 प्रतिशत पहले ही बढ़ा चुका है व बियर पर भी ये ड्यूटी बढ़ाई गई है जो केंद्र सरकार को जाएगी।
16 मई को ही कर दी थी रेट बढ़ाने की घोषणा
प्रशासन ने 16 मई से ही इसे बढ़ाने की घोषणा कर दी थी, जिसमें शराब पर काऊ सेस लगाने का फैसला भी शामिल था। इससे 15 प्रतिशत शराब के रेट्स पहले ही बढ़ गए थे और अब 5 प्रतिशत से अधिक रेट्स में और बढ़ोतरी हो जाएगी, जबकि लिकर वेंडर्स लॉक डाउन में छूट के बाद पहले ही शराब के अधिक रेट्स वसूल रहे हैं। प्रशासन ने 2019-20 की 30 जून तक एक्सटेंडेंड पालिसी में इन प्रावधानों में शामिल किया गया है।