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Chandigarh News: लायंस कंपनी ने सफाई कर्मचारियों के 1.35 करोड़ रुपये हड़पे

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में सफाई कर्मचारियों के हक का 1.35 करोड़ रुपये से अधिक का सामान एक निजी कंपनी की ओर से हड़पने का मामला सामने आया है। शहर के 25 से अधिक वार्डों में सफाई का काम देखने वाली लायंस कंपनी पर आरोप है कि उसने पिछले 27 महीने से करीब एक हजार से ज्यादा सफाई कर्मचारियों को उनके मासिक भत्ते में मिलने वाला तेल, साबुन और गुड़ नहीं दिया है।
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नियम के मुताबिक हर सफाई कर्मचारी को प्रति महीने दो किलो गुड़, दो किलो तेल और छह साबुन दिए जाने का प्रावधान है। हालांकि, लायंस कंपनी ने इस सुविधा से कर्मचारियों को वंचित रखा है। 27 महीने में यह राशि 1 करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक बैठती है। कर्मचारियों ने बताया कि अगर इसे प्रति कर्मचारी देखा जाए तो एक कर्मचारी का करीब 13 हजार रुपये का सामान कंपनी दबाए बैठी है।
कर्मचारियों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कई बार इस मुद्दे को उठाया लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। सन्नी कुमार, इंद्रजीत, कृष्णा, अजय और सनोज कुमार का कहना है कि 27 महीने से उन्हें यह सामान नहीं मिला है। वे अब एक साथ इतना सारा सामान लेने के बजाय मौजूदा मार्केट रेट के हिसाब से पैसे की मांग कर रहे हैं।
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करार खत्म, एक्सटेंशन पर चल रही कंपनी
दरअसल, शहर के जिन हिस्सों में खुद नगर निगम काम करा रहा है, वहां पर कर्मचारियों को सारा सामान मिल रहा है लेकिन अन्य जगहों पर सामान नहीं दिया जा रहा है। मौजूदा समय में कंपनी का करार बीते 30 जून को खत्म हो चुका है। किसी नई कंपनी से करार नहीं होने के चलते से कुछ महीने के लिए एक्सटेंशन दिया गया है।

नगर निगम सदन में उठा था मुद्दा
यह मुद्दा कोई नया नहीं है। कांग्रेस पार्षद गुरुप्रीत गाबी ने बताया कि उन्होंने सदन के अंदर भी इस मामले को उठाया था जिस पर नगर निगम ने जल्द ही कंपनी से बात करने का आश्वासन दिया था। गाबी ने इसे एक बड़ा घोटाला करार दिया है। उन्होंने मौजूदा बाजार दरों के आधार पर हिसाब लगाते हुए बताया कि एक कर्मचारी का औसतन 500 रुपये प्रति माह का भत्ता बनता है, जो 1000 कर्मचारियों के लिए 27 महीनों में 1.35 करोड़ रुपये से अधिक हो जाता है।

मेयर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
यह मामला उनके संज्ञान में है। कर्मचारियों की सैलरी दिलवा दी गई है। आने वाले दिनों में इन सामान के मुद्दे पर भी बात चल रही है। नगर आयुक्त के साथ मिलकर व्यक्तिगत रूप से देख रही हूं। मेरी कोशिश है कि जल्द ही कर्मचारियों को उनका बकाया सामान मिलना शुरू हो और पुराने हिसाब का भी निपटारा हो।
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हरप्रीत कौर बबला, मेयर चंडीगढ़
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