लाइनमैन बनने के लिए जिन युवाओं ने आवेदन किया था, उनके लिए बुरी खबर है। हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की ओर से 1000 लाइनमैनों की चल रही भर्ती पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
दस्तावेजों की पड़ताल के लिए नहीं बुलाए गए छह उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मेरिट बनाने में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। हरजिंदर सिंह एवं अन्य ने एडवोकेट करणवीर सिंह खेहर के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि उन्होंने आईटीआई और दो साल की अप्रेंटशिप की। यह अप्रेंटशिप पंजाब की विभिन्न आईटीआई से की।
पंजाब स्टेट टेक्निकल एजुकेशन एंड इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग बोर्ड ने उन्हें सर्टिफिकेट जारी किया। उन्होंने चार विषयों में अप्रेंटशिप पास की। उनके अधिकतम अंक 650 थे। इसके उलट एक उम्मीदवार बलजिंदर सिंह ने अन्य आईटीआई से अप्रेंटशिप हासिल की, लेकिन उनके अधिकतम अंक 530 थे।
ठेके के आधार पर होनी थी भर्ती
पावरकॉम ने 26 दिसंबर 2013 को ठेका आधार पर लाइनमैन के 1000 पदों के लिए आवेदन मांगे। इसमें शर्त रखी गई थी कि आवेदक ने पीएसपीसीएल से दो वर्ष की अप्रेंटशिप पास की होनी चाहिए।
ऐसे आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी और यदि ऐसे आवेदक नहीं मिलते तो भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) या पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड से दो वर्ष की अप्रेंटशिप वाले आवेदकों को भी मौका दिया जाएगा और यदि ऐसे आवेदक भी नहीं हैं तो अन्य संस्थान से दो वर्ष की अप्रेंटशिप वाले भी आवेदन को योग्य होंगे।
दलील दी गई कि बलजिंदर सिंह ने भी अन्य संस्थान से अप्रेंटशिप हासिल की थी, लेकिन उसके अधिकतम अंक 530 थे। ऐसे में याचिकाकर्ताओं के अधिकतम अंक 650 होने के कारण कम अधिकतम अंकों वाले आवेदकों को प्रतिशतता के आधार पर मेरिट में जगह मिल गई, लेकिन याचिकाकर्ता बाहर हो गए।
मेरिट सूची के फार्मूले पर जताई गई आपत्ति
याचिका में कहा गया है कि मेरिट में दोहरा मापदंड अपनाया गया है। सभी के एक ही अधिकतम अंक माने जाने चाहिएं ताकि भर्ती के विज्ञापन के हिसाब से योग्य आवेदकों को एक समान मौका मिल सके।
चूंकि कई उम्मीदवारों के अधिकतम अंक 530 थे, ऐसे में सभी आवेदकों के अधिकतम अंक 530 मानकर ही प्रतिशतता निकाली जाए और इसी फार्मूले पर मेरिट सूची तैयार की जानी चाहिए।
हाईकोर्ट ने पावरकाम एवं अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करके जवाब मांग लिया है। और अगले आदेश तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। मेरिट बन चुकी है और इन दिनों आवेदकों के दस्तावेजों की पड़ताल चल रही है। हाईकोर्ट ने यथास्थिति का आदेश दिया है।